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अब भी अल्प वर्षा की चपेट में दो दर्जन से ज्यादा तहसील, बघेल कर सकते हैं राहत की घोषणा

रायपुर: प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में करीब सप्ताह भर से मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। इसके बावजूद करीब दो दर्जन से ज्यादा तहसीलों में सूखे का खतरा मंडरा रहा है। अगस्त में मानसून की दगाबाजी को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों से सात सितंबर की स्थिति में रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में स्थिति की समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि जिन तहसीलों में हालत ज्यादा गंभीर हैं, वहां के लिए सरकार कुछ राहत की घोषणा कर सकती है।

राजस्व विभाग के अफसरों ने बताया कि कांकेर जिले में सबसे ज्यादा स्थिति खराब है। वहां की सभी तहसीलों में औसत से कम बारिश हुई है। रिपोर्ट के अनुसार बीजापुर जिले में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं, रायपुर के आरंग तहसील में अब तक औसत से केवल 39 फीसद ही बारिश हो पाई है जो प्रदेश में सबसे कम है। जानकारों के अनुसार औसत से 30 फीसद कम बारिश को अल्प वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है।

धान के लिए फायदेमंद है मौजूदा बारिश

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डा. जीके दास के अनुसार राज्य में लगभग 38 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। अगस्त में जहां बारिश नहीं हुई वहां बयासी और रोपाई प्रभावित हुई। लेकिन बीच-बीच में हल्की बारिश हुई जो पौधों को जीवत रखने के लिए पर्याप्त थी। इससे धान के पौधे बचे रहे, लेकिन मोटे नहीं हुए।

पानी नहीं गिरने से जमीन के ऊपर दरार दिखती है, लेकिन जमीन के नीचे नमी रहती है। इससे धान को नमी मिलती रहती है। डा. दास ने कहा कि अब ज्यादातर हिस्सों में बारिश हो रही है ऐसे में किसानों को अगर खेत में खरपतवार है तो उसे तुरंत साफ करके यूरिया का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी उम्मीद है कि पानी गिरेगा। एक दो सप्ताह में पानी रह जाता है तो धान की फसल संभल जाएगी। जहां पानी नहीं गिर रहा है वहां थोड़ी दिक्कत हो सकती है।

जिला प्रभावित तहसील वर्षा का औसत

सूरजपुर प्रतापपुर 55.8

बलरामपुर राजपुर 55.5

रायपुर आरंग 39.2

गरियाबंद छुरा 61.2

महासमुंद सरायपाली 54.1

बसना 67.5

पिथौरा 48.6

धमतरी नगरी 67.9

रायगढ़ रायगढ़ 64.8

पुसौर 66.9

राजनांदगांव डोंगरगढ़ 66.8

राजनांदगांव 67.8

छुरिया 64.8

बालोद गुंडरदेही 65.8

बालोद 61.7

बस्तर बकावंड 50.3

कांकेर कांकेर 51.9

नरहरपुर 69.3

चारामा 58.7

भानुप्रतापपुर 57.1

अंतागढ़ 58.1

कोयलीबेड़ा 68.7

दुर्गू कोंदल 42.8

दंतेवाड़ा कुंआकोंडा 64.9

बीजापुर भोपालपटनम 59.1

भैरमगढ़ 64.3

उसूर 59.6

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