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बच्चों में वायरल फीवर, गंभीर स्थिति में पहुंच रहे अस्पताल

रायपुर: मौसम की वजह से बच्चों में वायरल फीवर के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। स्थिति यह है कि सरकारी के साथ प्राइवेट शिशु रोग की ओपीडी में दोगुने से अधिक मरीज आ रहे। आंबेडकर अस्पताल के शिशु रोग विभाग की ओपीडी पहले प्रतिदिन औसत 40 की थी। जो अब बढ़कर 80 से अधिक हो गई है। यहां पर बच्चों के इलाज के लिए 120 बिस्तरों की व्यवस्था है। इसमें 24 सभी आइसीयू के बिस्तर भरे हुए हैं। ऐसे में शासकीय आयुर्वेद अस्पताल परिसर में जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों के इलाज के लिए बने विशेष यूनिट उपयोगिता सिद्ध हो रही है।

चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल में राजधानी के बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से बच्चे रेफर होकर यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसकी मुख्य वजह भर्ती के लिए बिस्तरों का भरा होना, भीड़ की वजह से इलाज की समस्या जैसे अन्य कारण बताए जा रहे हैं। शासकीय आयुर्वेद अस्पताल परिसर में संचालित अस्पताल में जहां पहले 15 से 20 बच्चे हर दिन ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे थे।

वर्तमान में 40 से 50 बच्चे हर दिन आ रहे। ज्यादातर बच्चों को वायरल फीसर, निमोनिया, बुखार के साथ झटके, सर्दी, खांसी समेत अन्य बीमारियों के मरीज हैं। वर्तमान में चार बच्चे आइसीयू में भर्ती हैं। शिशु मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रभारी ने यहां स्टाफ को 24 घंटे अलर्ट में रखा है। ताकि जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

आयुर्वेद कालेज परिसर में बच्चों के अस्पताल की स्थिति

40 कुल बिस्तरों की व्यवस्था

20 बिस्तरों का आइसीयू, 20 सामान्य बिस्तर

30 से 40 की ओपीडी हर दिन औसत

24 घंटे इलाज की व्यवस्था

वर्जन

बच्चों में वायरल फीवर के अधिक केस आ रहे हैं। शिशुओं के बेहतर इलाज के लिए 20 आइसीयू समेत 40 बिस्तरों की व्यवस्था है। 24 घंटे चिकित्सा विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। अभी यहां चार बच्चे निमोनिया, वायरल फीवर समेत अन्य बीमारियों की वजह से भर्ती हैं।

– डा. निलय मोझरकर, अस्पताल प्रभारी, स्पेशल चाइल्ड यूनिट (शासकीय आयुर्वेद अस्पताल परिसर)

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