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बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार, 10 अरब डालर से भी ज्यादा व्यापार

नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और बांग्लादेश के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए व्यापार, संपर्क, स्वास्थ्य एवं पर्यटन समेत पांच क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया है। रविवार को बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय निवेश सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और इस समय यह व्यापार 10 अरब डालर से भी ज्यादा हो गया है। दोनों पड़ोसी देश वृहद आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) को आगे बढ़ाने की दिशा में भी अग्रसर हैं।

पांच क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने का सुझाव

गोयल ने कहा, ‘दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मजबूती लाने के लिए पांच क्षेत्रों व्यापार, प्रौद्योगिकी, संपर्क, उद्यमिता और स्वास्थ्य एवं पर्यटन पर विशेष ध्यान देने का सुझाव देता हूं।’ इस मौके पर वाणिज्य मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क विस्तार की कोशिशें द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा बांग्लादेश और पूर्वी भारत के बीच निवेश संभावनाओं को जमीन पर उतारने के लिए भी संपर्क बढ़ना जरूरी है।

पेट्रापोल सीमा पर चौबीसों घंटे व्यापार के लिए बांग्लादेश की मंजूरी का इंतजार

1- पेट्रापोल सीमा के जरिये माल के आयात और निर्यात में देरी को खत्म करने के लिए भारत को बांग्लादेश की तरफ से मंजूरी का इंतजार है। इससे पड़ोसी देश के साथ चौबीसों घंटे आसानी से व्यापार किया जा सकेगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि बांग्लादेश-भारत सीमा पर ट्रकों के रुकने की अवधि 40 दिन से बढ़कर 55 दिन पर पहुंच गई है।उद्योग संगठन फिक्की ने केंद्रीय वाणिज्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम के समक्ष भी ट्रकों के लंबे समय तक रुकने के मुद्दे को उठाया है।

2- भारत सरकार ने 25 अक्टूबर को एक आदेश में कहा था कि परीक्षण के आधार पर पेट्रापोल-बेनापोल सीमा तीन महीने तक चौबीसों घंटे खुली रहेगी। पेट्रापोल जमीनी बंदरगाह के प्रबंधक कमलेश सैनी ने बताया कि हमने इससे जुड़े सभी हितधारकों और बांग्लादेश सरकार के साथ बैठक की थी। हम अपनी तरफ से चौबीसों घंटे सीमा पर संचालन शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और पड़ोसी देश की तरफ से मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। गौरतलब है कि भारतीय निर्यातकों ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बांग्लादेश में खेप ले जाने वाले ट्रकों की लंबी प्रतीक्षा अवधि पर असंतोष व्यक्त किया है।

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