ब्रेकिंग
West Bengal Politics: टीएमसी छोड़ने के बाद कोयल मल्लिक को मिला बड़ा राजनीतिक तोहफा, बीजेपी ने दिया राज... दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्ती: ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत CAQM ने रिंग रोड पर चलाया विशेष नि... मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में घमासान: इंडिया गेट पर AAP का विरोध मार्च, सौरभ भ... Amritsar Border Security: अमृतसर में पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एके-47 और हैंड ग्रेनेड ... Delhi VIP Theft News: राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास में चोरी, गटर का ढक्कन... मुजफ्फरपुर में पुलिस की शर्मनाक करतूत: अंतरजातीय विवाह से जुड़ी समस्या को लेकर पहुंची महिला को बाल प... Delhi High Court Notice: करोल बाग में मेट्रो निर्माण के लिए पेड़ काटने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, DDA ... पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) का ऐलान: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मांगे 6 महीने, 'लव जिहाद'... Seoni Murder Case: मध्य प्रदेश के सिवनी में सनसनीखेज हत्याकांड, मां और मामा ने मिलकर की 22 वर्षीय यु... विपक्ष की रैली पर आशीष शेलार का तीखा हमला: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को बताया ‘लोमड़ियों ...
धार्मिक

भगवान शिव के आंसुओं से मिट जाती है हर बाधा, जानिए सर्वसिद्ध रुद्राक्ष के रहस्य की गाथा

महाशिवरात्रि का पर्व 01 मार्च को है. महाशिवरात्रि का दिन रुद्राक्ष धारण करने के लिए अच्छा दिन है. रुद्राक्ष का संबंध भगवान शिव से है इसे बहुत ही चमत्कारी माना जाता है. भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने के लिए रुद्राक्ष की माला का ही प्रयोग करते हैं.

रुद्राक्ष धारण करने से संकट मिटते हैं दुख एवं ग्रह दोष दूर होते हैं, जीवन में सुख, समृद्धि, धन, संपत्ति सबकुछ प्राप्त हो सकता है. इसको धारण करने के ​भी नियम होते हैं. ऐसे में आज हम आपको सर्वसिद्ध रुद्राक्ष के रहस्य की संपूर्ण गाथा बताने जा रहे हैं. इसके साथ ही आपको भगवान शिव रुद्राक्ष के मध्य के संबंध रोचक तथ्यों के बारे में भी बताएंगे. इसके अतिरिक्त हम आपको महाशिवरात्रि के अवसर पर रुद्राक्ष के प्रकार उन्हें धारण करने से क्या क्या लाभ होते हैं इसकी भी जानकारी देंगे.

रुद्राक्ष की उत्पत्ति
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार भगवान शिव हजार वर्ष तक साधना में लीन थे. एक दिन अचानक जब उनकी आंखें खुलीं तो उससे आंसू की एक बूंद पृथ्वी पर गिर पड़ी. उससे ही रुद्राक्ष की उत्पत्ति हुई. शिव आज्ञा मानव कल्याण के लिए रुद्राक्ष के पेड़ पूरी धरती पर फैल गए. रुद्राक्ष का भगवान शिव से यही संबंध है. इस वजह से रुद्राक्ष को चमत्कारी प्रभावी माना जाता है.

रुद्राक्ष के प्रकार
रुद्राक्ष एक से लेकर 21 मुखी तक पाए जाते हैं. इनमें भी 11मुखी रुद्राक्ष को सर्वसिद्ध रुद्राक्ष माना जाता है. आइए जानते हैं कुछ प्रमुख रुद्राक्ष के प्रकार के बारे में.
1. एक मुखी रुद्राक्ष- शिव स्वरुप
2. दो मुखी रुद्राक्ष- अर्धनारीश्वर स्वरुप
3. तीन मुखी रुद्राक्ष- अग्नि एवं तेज स्वरुप
4. चार मुखी रुद्राक्ष- ब्रह्म स्वरुप
5. पांच मुखी रुद्राक्ष- कालाग्नि स्वरुप
6. छह मुखी रुद्राक्ष- भगवान कार्तिकेय स्वरुप
7. सात मुखी रुद्राक्ष- सप्तऋषियों का स्वरुप
8. आठ मुखी रुद्राक्ष- अष्ट देवियों का स्वरुप
9. नौ मुखी रुद्राक्ष- धन, संपत्ति, यश एवं कीर्ति के लिए धारण करते हैं
10. 10 मुखी रुद्राक्ष- नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा के लिए
11. 11 मुखी रुद्राक्ष- सर्वसिद्ध रुद्राक्ष, आत्मविश्वास वृद्धि के लिए
12. 12 मुखी रुद्राक्ष- सफलता के लिए
13. 13 मुखी रुद्राक्ष- सुखद वैवाहिक जीवन के लिए

Related Articles

Back to top button