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बिहार

अगले साल 3000 नए पंचायत भवन बनाएगी सरकार

अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य में तीन हजार नये पंचायत सरकार भवन का निर्माण शुरू किया जाएगा। इसकी सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। विधानसभा में सोमवार को पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी घोषणा की। मंत्री ने कहा कि तीन हजार पंचायतों में भूमि की उपलब्धता की सूचना देने के लिए वे विधायकों से भी आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी-तक 3200 पंचायत सरकार भवन के निर्माण की स्वीकृति मिली है, जिसपर निर्माण कार्य चल रहा है। 1480 पंचायत सरकार भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। चरणवार राज्य के सभी 8067 ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जाएगा।

पंचायती राज संस्थाओं द्वारा पिछले पांच सालों में गांवों के विकास में 25 हजार करोड़ खर्च किये गए हैं। गली-नाली पक्कीकरण योजना में गांवों की गलियों में पक्का रास्ता बनाया गया। मुख्यमंत्री का साफ निर्देश है कि एक भी टोला और बसावट पक्की सड़क से वंचित नहीं रहेगा, इसे सुनिश्चित किया जाय। इसको लेकर राज्य के सभी जिलों में सर्वेक्षण कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट आते ही छूटी जगहों पर निर्माण कराया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि गांवों के लोगों को किसी काम के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े, उनके सभी काम पंचायत कार्यालय में ही हो जाय, इसकी व्यवस्था की जा रही है। पंचायती राज अनुदान मांग का कटौती प्रस्ताव राजद के ललित यादव ने रखा, जिसे बहुमत से अस्वीकृत कर दिया गया।

पंचायती राज मंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्राम पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया। महिला सशक्तीकरण को लेकर पूरे देश में इस निर्णय का बड़ा संदेश गया। आरक्षण का परिणाम यह हुआ कि महिलाएं बढ़-चढ़ कर समाज की मुख्य धारा में आईं और इस बार पंचायत चुनाव में 58 प्रतिशत सीटों पर महिलाएं निर्वाचित हुईं। पहली बार पंचायत चुनाव में ईवीएम का प्रयोग हआ। बॉयोमेट्रिक का उपयोग हुआ, जिससे वोगस वोट पूरी तरह रुक गया। इसका यह परिमाण हुआ कि चुनाव में 78 प्रतिशत नये प्रतिनिधि निर्वाचित हुए।

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