ब्रेकिंग
जनरेश्वर मिश्र पार्क, लखनऊ स्थित “जुरासिक पार्क” या डायनासोर पार्क को लेकर गंभीर सवाल ? Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7... ईरान: आयतुल्ला खामेनेई का बड़ा फैसला, बेटे मसूद को बनाया सुप्रीम लीडर दफ्तर का प्रमुख; जानें वजह Natural Pest Control: चींटी, कॉकरोच और मच्छरों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय, नोट करें ये नेचुरल टिप...
व्यापार

रुचि सोया को कर्ज फ्री करेंगे रामदेव

योगगुरु रामदेव के पतंजलि समूह की कंपनी रुचि सोया ने अपना फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर लॉन्च कर दिया है। लॉन्चिंग के पहले दिन दोपहर 1 बजे तक, इश्यू को 8 प्रतिशत के करीब सब्सक्राइब किया गया था। इनमें कुल आवेदन 4,89,46,260 के मुकाबले 36,90,183 शेयरों के लिए आए थे। इस एफपीओ के जरिए कंपनी 4,300 करोड़ जुटाएगी।

 एफपीओ लॉन्च के दौरान योगगुरु रामदेव ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव है। हालांकि, इसके बावजूद, रुचि सोया ने अपना एफपीओ लॉन्च करने का फैसला किया है क्योंकि लोगों को कंपनी में विश्वास है। रामदेव के मुताबिक एफसीओ के जरिए कंपनी कर्ज मुक्त होने की योजना पर काम कर रही है। आपको बता दें कि  एंकर निवेशकों से पहले ही 1,290 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए जा चुके हैं और कंपनी को लगता है कि एफपीओ को बड़ी सफलता मिलेगी।

28 मार्च को बंद हो रहे एफपीओ का प्राइस बैंड 615-650 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। इस पर रामदेव ने कहा कि कंपनी अपने ग्राहकों को ज्यादा रिटर्न देना चाहती है, यही वजह है कि प्राइस बैंड को कम रखा गया है। रामदेव ने कहा, “हमने दिवाला कार्यवाही के माध्यम से रुचि सोया का अधिग्रहण करने के बाद उसे बदल दिया है। पिछले प्रबंधन ने गलतियां कीं और कंपनी दिवालिया हो गई थी। हम कंपनी को पारदर्शिता, जवाबदेही और कॉरपोरेट गवर्नेंस के साथ चला रहे हैं।”

Related Articles

Back to top button