ब्रेकिंग
राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ... यूपी में सियासी घमासान: "सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है"— मायावती और बृजेश पाठक का अखिलेश यादव पर ती... कांवड़ यात्रा नियम: सावन शिवरात्रि पर जल चढ़ाने के बाद भी रखें इन बातों का ध्यान, न करें ये गलतियां कश्मीरी विस्थापितों की वापसी पर संसदीय पैनल की रिपोर्ट: सुरक्षा व आजीविका के आकलन का निर्देश, मिलेगा... आबान की मौत से गहरे सदमे में अली: 2 दिनों से नहीं खाया खाना; हाईकोर्ट ने जनाजे के लिए अली व उमर को द...
मध्यप्रदेश

अब 15 अप्रैल तक चुका सकेंगे किसान खरीफ फसल ऋण

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने  कहा कि किसानों के लिए खरीफ फसल का ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल की जा रही है। किसानों को खरीफ फसल के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा  लिया गया था। लोन चुकाने की अवधि आज 31 मार्च को समाप्त हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कई किसान भाई-बहन इस राशि को जमा नहीं करा पाए हैं। अवधि समाप्त होने के बाद वे डिफाल्टर हो जाएंगे और डिफाल्टर होने के बाद उन्हें अधिक ब्याज देना होगा। इसके दृष्टिगत  खरीफ फसल   का ऋण चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल की जा रही है, इससे किसानों को ऋण चुकाने में सुविधा होगी और वे डिफाल्टर नहीं होंगे।

बढ़ी हुई अवधि का 60 करोड़ रूपये राज्य सरकार भरेगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बढ़ाई गई अवधि के लोन के ब्याज का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा, जिसकी राशि लगभग 60 करोड़ रूपये होगी। यह राशि किसानों की ओर से राज्य  सरकार द्वारा भरी जाएगी। इससे किसान अपने ऋण की राशि सुविधाजनक तरीके से भर सकेंगे और वे  डिफाल्टर भी नहीं हो पाएंगे।

Related Articles

Back to top button