सेना में जल्द शुरू हो सकती है सैनिकों की कांट्रैक्ट बहाली, इतने साल की होगी नौकरी

सेना में कम समय के करार वाली इन भर्तियों के जरिए सैलरी, भत्तों और पेंशन में हजारों करोड़ की बचत हो सकती है. वहीं भर्ती किए गए युवाओं में से सर्वश्रेष्ठ को जगह होने पर अपनी सेवा जारी रखने का मौका मिल सकता है.
सेना में कम समय के करार वाली इन भर्तियों के जरिए सैलरी, भत्तों और पेंशन में हजारों करोड़ की बचत हो सकती है. वहीं भर्ती किए गए युवाओं में से सर्वश्रेष्ठ को जगह होने पर अपनी सेवा जारी रखने का मौका मिल सकता है.
सेना में शुरू हो सकती है कांट्रैक्ट बहालीतीन साल की होगी सेवा की कुल अवधिसर्वश्रेष्ठ कैंडिडेट को आगे भी मौकानई दिल्ली: सैन्य बलों में जल्द ही एक नए तरीके से सैनिकों की बहाली की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इस प्रस्ताव को ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ (Tour of Duty) का नाम दिया गया है. इसे कम बजट में युवाओं को रोजगार देने के इरादे से जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. इसको लेकर करीब दो साल से तैयारी चल रही थी.
‘सेना में होगी कांट्रैक्ट बहाली’
इकोनॉमिक्स टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस अभियान के तहत कम खर्च में एक निश्चित कम समय के करार पर सैन्य बलों में अधिकारियों और सैनिकों की बहाली की जानी है. इसके तहत नौकरी का समय करीब तीन साल हो सकता है. बता दें कि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्षों में सशस्त्र बलों में सैनिकों की भर्ती में काफी कमी हुई है. एक आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्तमान में सेना, वायु सेना और नौसेना में 1,25,364 पद खाली हैं. ऐसे में ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ के तहत होने वाली भर्ती से जहां योग्य युवाओं को नौकरी दी जा सकेगी वहीं सरकारी खर्च में भी कमी आएगी.
हरी झंडी मिलने के आसार
शीर्ष नेतृत्व से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है. इस सप्ताह रक्षा मंत्रालय में ‘टूर ऑप ड्यूटी’ पर ब्रीफिंग दी गई है. इस योजना को 2020 में सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे द्वारा लाया गया था. हाल के महीनों में सरकार के शीर्ष स्तरों पर इसके आकार और दायरे पर विचार-विमर्श किया गया.
भर्ती की अवधारणा में बदलाव की उम्मीद
इस योजना की अंतिम रूपरेखा अभी तक सामने नहीं आई है. हालांकि इस फैसले से सशस्त्र बलों में स्थाई भर्ती की अवधारणा में बदलाव की उम्मीद है. नई प्रक्रिया में तीन साल के अंत में अधिकांश सैनिकों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाएगा. उन्हें आगे के रोजगार के अवसरों के लिए सशस्त्र बलों से सहायता मिलेगी. वहीं भर्ती किए गए युवाओं में से सर्वश्रेष्ठ को जगह होने पर अपनी सेवा जारी रखने का अवसर मिल सकता है.





