ब्रेकिंग
JPSC पेपर लीक मामला: CID ने पूर्व अध्यक्ष खियांगते को लिया हिरासत में, 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर... दिल्ली विधानसभा में पेश 2024-25 की CAG रिपोर्ट: सब्सिडी में 172% की बढ़ोतरी, घटकर 3,695 करोड़ हुआ कै... जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: डीप-टेक रोबोटिक कंपनी से सीक्रेट कोडिंग और LiDAR सेंसर च... पेपर लीक के 'Proceeds of Crime' की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो... केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले— "राहुल हर दिन बदलते हैं गोलपोस्ट, फैला... मानसून सत्र के अंतिम 2 दिन: छात्र लाठीचार्ज पर चर्चा को तैयार सरकार, क्या JPC को भेजा जाएगा FCRA संश... दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा वक्तव्य, कहा— "First in My Bloodline" हर बेटी के सशक्ति... दिल्ली और झारखंड में छात्रों पर बल प्रयोग पर भड़के राहुल गांधी, राम मंदिर में कथित चोरी पर भी पीएम म... महाराष्ट्र में साइबर अपराधियों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 'ऑपरेशन 1930 साइबर सेफ्टी' के तहत 803 प्रोएक्... ठाणे के कापूरबावडी में करोड़ों की संपत्ति पर अवैध तोड़फोड़ का आरोप: बिना नोटिस कार्रवाई से पीड़ित पर...
मध्यप्रदेश

सुखतवा नदी पुल टूटने से दो महिलाओं की हुई मौत

इटारसी-नागपुर रेलवे ट्रैक पर हादसा रविवार की सुबह ठीक 9.49 बजे का है। कासदा गांव की कृष्णा (40) अपनी देवरानी सरस्वती (38) के साथ खेत में घास काटने सुबह नौ बजे घर से कालाआखर जाने पैदल निकलीं। रेलवे ट्रैक उनका शार्टकट रास्ता था। सुखतवा नदी के पुल से 100 फीट पहले डाउन ट्रैक पर टर्निंग है। इसी समय पीछे से आ रही 12792 पटना-सिकंदराबाद एक्सप्रेस ने टक्कर मारी। दोनों महिलाएं ट्रेन के साथ घिसटती चलीं गईं। 40 वर्षीय कृष्णा बाई के पैर मुड़ गए। आधा सिर डेमेज हो गया। 38 साल की देवरानी सरस्वती बाई के दोनों पैर कट गए। सिर के चिथड़े उड़ गए।

घर से घटनास्थल आधा किमी था। हादसे की सूचना चॉबीमैन लक्ष्मीनारायण ने गांव आकर सूचना दी। इस हादसे ने 10 बच्चों से मां का साया छीन लिया। कृष्णा और सरस्वती का रिश्ता जेठानी-देवरानी का था। दोनों के पांच-पांच बच्चे हैं। कृष्णा का पति मूलचंद सुबह से बच्चों के साथ था। सरस्वती का पति पतिराम काम से दोपहर एक बजे आया। सरस्वती आशा कार्यकर्ता थी। कृष्णा की लड़की अंकिता (13) ने सुबकते हुए बताया कि इतवार को स्कूल की छुट्‌टी थी। हमने मना किया था कि चाची और मम्मी आज काम पर नहीं जाओ।

6 किलोमीटर दूर केसला थाने से पुलिस को घटनास्थल तक आने में दोपहर 1 बजे गए। 3 घंटे तक दोनों महिलाओं के परिजन और छोटे बच्चे शवों के पास भूखे-प्यासे बैठे रहे। उस बीच ट्रैक से चार ट्रेनें निकल चुकी थीं। मृतकों की चप्पलें, हंसिया, कपड़े, रोटी और चावल ट्रैक पर पड़े थे। केसला पुलिस दोपहर एक बजे आई। पंचनामा बनाया। शव इटारसी भेजने थे। पुलिस के पास खुद का वाहन नहीं था। पुलिस ने पूछा था-गाड़ी बुलवा लें। परिजनों के हामी भरने पर किराए की जीप बुलवाई।

Related Articles

Back to top button