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मध्यप्रदेश

10वीं व 12वीं की पूरक परीक्षा आयोजित होगी 20 जून से

 भोपाल । माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कल 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए है। इसमें आनलाइन कक्षाएं लगने के कारण सरकारी स्कूल में पढने वाले बच्चे  पिछड़ गए है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी परिणाम के अनुसार कक्षा 12वीं में इस वर्ष 96751 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता प्राप्त हुई है। पूरक परीक्षा 20 को ली जाएगी। कुल एक लाख 19 हजार 851 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण घोषित किए गए है। इस वर्ष कक्षा 10वीं में 99 हजार 710 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता प्राप्त हुई है। पूरक परीक्षा 21 जून से 30 जून तक आयोजित की जाएगी। कक्षा 10वीं में कुल तीन लाख 55 हजार 371 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण घोषित किए गए है।परीक्षा में असफल रहे विद्यार्थियों के लिए मप्र राज्य ओपन बोर्ड की ओर से रूक जाना नहीं योजना के अंतर्गत केवल अनुत्तीर्ण विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर उपलब्ध है।  मालूम हो कि कोविड काल में दो साल से विद्यार्थी आनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। इसमें सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई नहीं हो पाई। यही कारण है कि इस बार हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी कक्षाओं में सरकारी स्कूल का परिणाम फिसड्डी रहा है। इस साल दसवीं का रिजल्ट पिछले पांच सालों में सबसे कम रहा। दसवीं का 59.54 फीसद रिजल्ट रहा। इसका कारण यह है कि परीक्षा पैटर्न में नए बदलाव किए गए। दसवीं में सरकारी स्कूल का प्रदर्शन निजी की तुलना में खराब रहा। सरकारी का रिजल्ट 55.40 फीसद व निजी स्कूल का 69.48 फीसद आया है। वहीं बारहवीं में भी सरकारी स्कूल का रिजल्ट खराब है। सरकारी में 70.92 फीसद और निजी स्कूल का 76.30 फीसद परिणाम रहा। इसके अलावा हाईस्कूल परीक्षा में 9,31,379 विद्यार्थी शामिल हुए। जिलेवार रिजल्ट की स्थिति देखें तो पहले स्थान पर दमोह 83.80 फीसद के साथ टॉप पर रहा। वहीं टॉप टेन से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर महानगर बाहर दिखाई दिए। इंदौर का 61.66 फीसद और भोपाल का 59.69 फीसद रहा। ग्वालियर का 56.42 फीसद और जबलपुर का 44.92 फीसद रहा। सबसे कम रिजल्ट टीकमगढ़ का 34.31 फीसद रहा। जहां भोपाल जिला स्तर पर 24वें स्थान पर है। इंदौर 19वें स्थान, ग्वालियर 33वां और जबलपुर 47वें स्थान पर है। इस बार छोटे जिले दमोह, अलिराजपुर, देवास, डिंडौरी, सिधी मंडल का रिजल्ट का प्रतिशत अच्छा है।

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