ब्रेकिंग
मध्य प्रदेश में 'ई-प्रवेश' प्रणाली ने बनाया रिकॉर्ड: डॉ. मोहन यादव के विजन से 4.89 लाख छात्रों ने लि... जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता “मेरा बेटा राह भर तड़पता रहा...”, मंडला में 108 एंबुलेंस की घोर लापरवाही से 21 साल के युवक की तड़पकर... उज्जैन बनेगी देश की पहली 'सर्प मित्र नगरी': 15 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक स्नेक पार्क, जानें खूबि... नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: अगले 5 सालों के लिए बढ़ी 'पीएम-किसान' योजना, ₹3.15 लाख करोड़ के बजट को म... भारत में गूगल ने लॉन्च किया Gemini Spark AI एजेंट! आपके बिना ऑनलाइन रहे भी करेगा सारे काम, जानें खास... सावन में करें श्री रुद्राष्टकम स्तोत्र का पाठ: दूर होंगे सभी कष्ट, जानें श्रीराम से जुड़ी कथा, सही स... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु...
मध्यप्रदेश

शाजापुर में नामांतरण आदेश की त्रुटी सुधारने के बदले रिश्वत मांग रहे पटवारी को शुक्रवार को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथाें पकड़ा

शाजापुर ।   नामांतरण आदेश की त्रुटी सुधारने के बदले रिश्वत मांग रहे पटवारी को शुक्रवार को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने कार्रवाई करते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई लोकायुक्त डीएसपी राजकुमार सर्राफ और सुनिल तालान के नेतृत्व में की गई है। मामले में शाजापुर निवासी योगेश पुत्र महेश पाटीदार ने लोकायुक्त एसपी उज्जैन को शिकायत की थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त की टीम द्वारा पटवारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। लोकायुक्त डीएसपी राजकुमार सर्राफ ने बताया कि पटवारी आत्माराम धानुक को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। बता दें कि पटवारी का निजी कार्यालय पुलिस अधीक्षक बंगले के सामने स्थिति है। यहां जैसे ही फरियादी योगेश ने पटवारी को कैमिकल लगे रुपये रिश्वत के रुप में देकर लोकायुक्त की टीम को इशारा किया, तब टीम ने पटवारी के कार्यालय में प्रवेश कर उसे रिश्वत के रुपये के साथ पकड़ लिया। इसके बाद विधिवत कार्रवाई की गई। कार्रवाई के पहले लोकायुक्त टीम द्वारा फरियादी योगेश को रिकार्डर दिया गया था। जिसमें भी पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने को लेकर बातचीत रिकार्ड हुई थी। फरियादी योगेश ने बताया कि उसने दो हजार स्क्वायर फीट का प्लाट महुपुरा हल्के में खरीदा था। इस प्लाट के नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन लगाया। आठ मार्च को तहसीलदार शाजापुर ने इस प्लाट का नामांतरण फरियादी के नाम कर दिया था, लेकिन इसमें वर्ग फीट की जगह वर्ग मीटर दर्ज हो गया था। जिसमें सुधार करने के लिए जब पटवारी के पास पहुंचा ताे पहले ताे वह उसे टालता रहा, लेकिन जब हाथ पैर जाेड़े ताे पटवारी ने तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी। लाेकायुक्त की टीम ने शिकायत मिलने के बाद पूरी तैयारी के साथ फरियादी काे पटवारी के पास भेजा था।

Related Articles

Back to top button