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मध्यप्रदेश

स्कूल नहीं, संकटशाला! जर्जर इमारत की दरारों में फंसा बच्चों का भविष्य

मध्य प्रदेश में शिक्षा अब सिर्फ किताबों में ही बची है. यहां बच्चे आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. हालांकि सरकारी दावे हर साल आते हैं, लेकिन हकीकत हर बार आंखें नम कर देती है.

बता दें कि मध्य प्रदेश में कुल सरकारी स्कूलों की संख्या 88 हजार 269 है. वहीं सरकार ने 2024-25 के शिक्षा बजट में 23 हजार 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था. हालांकि जर्जर स्कूलों की संख्या करीब 7,000 है.

स्कूल की हालत बदतर

दरअसल प्रदेश की राजधानी भोपाल से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर डोगरा जागीर गांव में स्कूल की हालत बदतर है. अब ये हाल राजधानी के पास है, तो सोचिए दूर-दराज़ के स्कूलों की क्या स्थिति होगी. यहां बच्चों की क्लास अब खुले आसमान के नीचे लगती है क्योंकि स्कूल की छत से पानी टपकता है.

बिल्डिंग की हालत खतरनाक

इतना ही नहीं जहां एक कमरे में तीन-तीन कक्षाएं लगती हैं, वहीं बिजली का नामोनिशान नहीं है. जुलाई की उमस वाली गर्मी में बच्चे गर्मी से बेहाल होते हैं. स्कूल की बिल्डिंग की हालत भी खतरनाक है. भोपाल के इस स्कूल में छात्राओं के लिए वॉश रूम तक नहीं है. जो था वो खंडहर हो चुका है.

राज्य के बाकी जिलों की हालत

  • रतलाम के ग्राम शिवपुर के स्कूल में कीचड़ से परेशान बच्चे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, लेकिन 2 घंटे इंतज़ार के बाद डीएम नहीं मिले. इतना ही नहीं मीडिया को भी ऑफिस में जाने से रोक दिया गया. इस दौरान छात्रों ने बताया कि बारिश में हम स्कूल नहीं जा पाते. पूरा रास्ता कीचड़ से भर जाता है.
  • वहीं बुरहानपुर के बाकड़ी गांव में स्कूली बच्चे कीचड़ भरे रास्ते में स्कूल जाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में बच्चे अगर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं, उनकी पढ़ाई प्रभावित हो जाती है.
  • गुना के संगई गांव में बच्चे टपरे (झोंपड़ी) के नीचे पढ़ाई कर रहे हैं. जबकि फतेहगढ़ के सीएम राइज स्कूल में बारिश का 5 फीट पानी लगा हुआ है. जिसकी वजह से किताबें, यूनिफॉर्म, स्मार्ट स्क्रीन सब बर्बाद हो रहे हैं.

हरकत में आई केंद्र सरकार

स्कूलों की इस बदहाली पर अब केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद जिलाधिकारी से बात की. प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में कोई भी विभाग ऐसा नहीं बचा, जहां 50 प्रतिशत घूस का सिस्टम न हो. वहीं शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि हमें जानकारी है औऱ हालात दुरुस्त किए जा रहे हैं, जल्द काम शुरू होगा.

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