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मध्यप्रदेश

भारत की स्टार्टअप क्रांति आजादी के अमृत काल की महत्वपूर्ण पहचान बनेगी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 

:: आज देश में है प्रो-एक्टिव स्टार्टअप नीति एवं पर्याप्त स्टार्टअप नेतृत्व ::
:: नई स्टार्टअप नीति एवं स्टार्टअप ईकोसिस्टम के लिये मध्यप्रदेश सरकार को बधाई ::
:: युवा के सपने पूरे करने का सशक्त माध्यम बन रहे स्टार्टअप्स ::
:: इन्दौर की धरती पर युवा ला रहे हैं स्टार्टअप क्रांति ::
:: स्टार्टअप्स प्राकृतिक खेती के लिए इन्दौर को बनाये मॉडल जिला ::
:: प्रधानमंत्री के साथ स्टार्टअप्स ने संवाद कर साझा की जानकारी ::
:: अर्थ-व्यवस्था के लिये नई बेकबोन बन रहे हैं स्टार्टअप : मुख्यमंत्री चौहान
:: प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति एवं पोर्टल लांच किये ::
इन्दौर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने नई स्टार्टअप नीति बनाने एवं उपर्युक्त स्टार्टअप ईको सिस्टम तैयार करने में सराहनीय कार्य किया है। इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार तथा जनता बधाई के पात्र हैं। इन्दौर की धरती पर युवा स्टार्टअप क्रांति ला रहे हैं, जो सबके लिये प्रेरणा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की स्टार्टअप क्रांति आजादी के अमृत काल की महत्वपूर्ण पहचान बनेगी। आज देश में प्रो-एक्टिव स्टार्टअप नीति एवं पर्याप्त स्टार्टअप नेतृत्व है। पूरी दुनिया में भारत के स्टार्टअप ईको सिस्टम की प्रशंसा हो रही है। भारत में स्टार्टअप्स सामान्य भारतीय युवा के सपने पूरा करने के सशक्त माध्यम बन रहे हैं। वर्ष 2014 में भारत में केवल 300 से 400 स्टार्टअप्‍स थे, वहीं आज उनकी संख्या 70 हजार तक पहुँच गई है। भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज मध्यप्रदेश की नई स्टार्टअप नीति एवं मध्यप्रदेश स्टार्टअप पोर्टल को दिल्ली से वर्चुअली लांच किया। उन्होंने नये स्टार्टअप चालू करने वाले मध्यप्रदेश के युवाओं इन्दौर के तनु तेजस सारस्वत, भोपाल की उमंग श्रीधर एवं इन्दौर के तौफिक खान से वर्चुअल संवाद भी किया। तीनों स्टार्टअप्स ने प्रधानमंत्री के साथ अपने कार्य की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री मोदी ने 2 स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता भी ऑनलाईन प्रदान की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज देश के छोटे-छोटे शहरों में स्टार्टअप्स प्रारंभ हो रहे हैं। भारत के 650 से ज्यादा जिलों में 50 हजार से अधिक स्टार्टअप्स उद्योगों से जुड़े हैं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण बात है कि हमारे अनेक स्टार्टअप्स 8-10 दिन में ही यूनिकार्न बन जाते हैं। एक नये स्टार्टअप को 7 करोड़ रूपये की पूँजी तक पहुँचना बड़ी उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारे स्टार्टअप्स की सफलता का कारण देश में इन्फ्रा-स्ट्रक्चर निर्माण, शासकीय प्रक्रियाओं का सरलीकरण एवं लोगों के माइंडसेट में परिवर्तन कर नये ईकोसिस्टम का निर्माण करना है। स्टार्टअप्स के लिये हैकाथोन मजबूत बुनियाद बना है। हमारे विद्यालय स्टार्टअप्स की नर्सरी के रूप में काम कर रहे हैं। यहाँ अटल टिंकरिंग लेब बनाये गये हैं। देश में 700 से अधिक इन्क्यूबेशन सेन्टर्स बनाये गये हैं। स्टार्टअप के इन्क्यूबेशन के साथ ही इनकी फंडिंग की व्यवस्था भी की जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिये सरकार टैक्स में छूट एवं अन्य इनसेंटिव दे रही है। साथ ही सरकार खरीददार भी बन रही है। जैम पोर्टल, जिस पर 13 हजार से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर हैं, के माध्यम से गत दिनों साढ़े 6 हजार करोड़ से अधिक का व्यापार किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में स्टार्टअप की सफलता में सस्ते मोबाइल फोन एवं सस्ते डेटा का महत्वपूर्ण योगदान है। स्टार्टअप और यूनिकार्न आज देश में लाखों लोगों को रोजगार दे रहे हैं। क्लीन एनर्जी, हेल्थ, टूरिज्म, कृषि, खुदरा व्यापार के क्षेत्र में स्टार्टअप्स उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। मोबाइल गेमिंग के क्षेत्र में आज भारत दुनिया में टॉप 10 में है। टॉयस के ग्लोबल मार्केट में अभी भारत एक प्रतिशत से भी कम पर है, इस क्षेत्र में नौजवानों को आगे आना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में खेल संस्कृति विकसित हो रही है। भारत में 800 से अधिक स्टार्टअप्स खेल-कूद के कार्य से जुड़े हैं। स्मार्ट फोन डाटा के उपयोग में भारत दुनिया में नंबर वन है, वहीं इंटरनेट के इस्तेमाल एवं ग्लोबल रिटेल व्यापार में नंबर दो है। भारत में ईज ऑफ लिविंग एवं ईज ऑफ डूईंग बिजनेस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आगामी दशक में भारत की ग्रोथ एवं सक्सेस स्टोरी उल्लेखनीय होगी।

:: 50 हजार किराना दुकानों को डिजिटली जोड़ा ::
प्रारंभ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ स्टार्टअप्स युवाओं के वर्चुअल संवाद में “शॉप किराना” स्टार्टअप इन्दौर के तनु तेजस सारस्वत ने बताया कि उन्होंने 50 हजार किराना दुकानों को डिजिटली जोड़ा है तथा वे अब 40 प्रतिशत सामान डिजिटली क्रय करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वे स्ट्रीट वेण्डर्स को भी डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास करें, जिससे उन्हें व्यापार में अधिक लाभ हो।

:: हैण्डीक्राफ्ट एवं हैण्डलूम का स्टार्टअप ::
प्रधानमंत्री मोदी को डिजाइन्स प्रायवेट लिमिटेड स्टार्टअप की सुश्री उमंग श्रीधर ने बताया कि वे हैण्डीक्राफ्ट और हैण्डलूम का स्टार्टअप चलाती हैं। उनके साथ एक हजार कारीगर कार्य करते हैं एवं देश के 5 राज्यों की 1500 महिलाएँ 13 क्लस्टर में जुड़ी हैं। उन्होंने कताई-बुनाई के क्षेत्र में नवाचार किये हैं, जिससे महिलाओं की आमदनी में 300 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। वे उन्हें कारीगर से उद्यमी बनाने के साथ ही डिजिटल ट्रेनिंग के तरीके भी बता रही हैं। उनका बनाया कपड़ा 5 देशों में बिकता है। उनका उद्देश्य है कि पूरी दुनिया खादी पहने। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके कार्य की सराहना की।

:: किसान स्वाईल टेस्टिंग की ओर ध्यान दें ::
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन्दौर के स्टार्टअप उद्यमी तौसिफ खान से संवाद के दौरान उन्हें किसानों द्वारा स्वाईल टेस्टिंग किये जाने की ओर ध्यान देने को कहा। तौफिक खान ने बताया कि उनका स्टार्टअप कृषि क्षेत्र में कार्य करता है। किसानों की मिट्टी की जाँच के साथ ही उन्हें उवर्रक के समुचित इस्तेमाल की सलाह भी देता है। दवाओं और बीजों की होम डिलीवरी भी करता है। उन्होंने अभी तक 10 हजार किसानों की स्वाईल टेस्टिंग की है। प्रधानमंत्री मोदी ने इन्दौर जिले को पूर्णरूप से रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती वाला जिला बनाने की दिशा में कार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन्दौर जिले को प्राकृतिक खेती के लिये मॉडल जिला बनाये।

:: हमारा नौजवान स्टार्टअप के लिये नई उड़ान भरने को है तैयार : मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्टार्टअप अर्थ-व्यवस्था के लिये नई बेकबोन की तरह सामने आये हैं। आज विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार, व्यवसाय की संभावनाओं को युवाओं ने साकार करने के लिये अनेक स्टार्टअप चुने हैं। मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति में ऐसे कार्य क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें व्यवसाय की व्यापक संभावनाएँ विद्यमान हैं। इस नाते मध्यप्रदेश की स्टार्टअप नीति एक सुविचारित नीति है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जनवरी माह में हुई स्टार्टअप समिट में प्राप्त सुझावों के आधार पर स्टार्टअप नीति तैयार की गई है। इस नीति की विशेषताओं में वेंचर केपिटल फण्ड, लीज रेंटल सहायता, पेटेंट के लिये सहायता, उत्पाद आधारित स्टार्टअप में प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप पैकेज के प्रावधान, बेटियों के स्टार्टअप को प्रोत्साहन, अधिकतम एक करोड़ रूपये की सहायता के प्रावधान, क्षमता विस्तार सहायता, नवीन पोर्टल को भारत सरकार के पोर्टल से संबद्ध करने और पृथक स्टार्टअप सेंटर बनाने के प्रावधान प्रमुख हैं। स्टार्टअप की सहायता के लिये विशेषज्ञों की उपलब्धता और विभिन्न स्रोतों से फण्ड उपलब्ध कराने की पुख्ता व्यवस्था से युवाओं को भरपूर सहयोग मिलेगा।

:: शहरों को बनायेंगे स्टार्टअप हब ::
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में इन्दौर और भोपाल के साथ ही अन्य शहरों को भी स्टार्टअप हब बनाया जायेगा। सिर्फ आईटी क्षेत्र ही नहीं, जैविक और प्राकृतिक खेती, जिसमें मध्यप्रदेश 17.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उत्पादन कर अन्य राज्यों से आगे हैं, स्टार्टअप के लिये अनुकूल है। इसके अलावा कृषि विविधीकरण, एक जिला-एक उत्पाद, सोलर एनर्जी, ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, एनीमेशन, फार्मा सेक्टर, लॉजिस्टिक क्षेत्र सहित कई क्षेत्र हैं, जिनमें कार्य की संभावनाएँ उपलब्ध हैं।

:: स्टाम्प शुल्क में भी देंगे रियायत ::
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नीति में स्टाम्प शुल्क में रियायत का निर्णय भी लिया जा रहा है। युवाओं से प्राप्त अन्य सुझावों पर भी अमल किया जायेगा। इनमें इनोवेशन लेब और वर्ल्ड स्टार्टअप समिट के सुझाव शामिल हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आगामी 7, 8 जनवरी, 2023 को इन्दौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हो रही है। प्रधानमंत्री जी इसका उद्घाटन करेंगे। स्टार्टअप से जुड़े युवा समिट में हिस्सेदारी कर वाणिज्य और उद्योग क्षेत्र की नई जानकारियों से अवगत होंगे।

:: युवाओं के लिये असंभव कुछ भी नहीं ::
प्रारंभ में मुख्यमंत्री चौहान ने कवि दुष्यंत कुमार की पंक्ति “कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों” से अपना संबोधन शुरू किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अटलजी ने भी युवाओं को परिश्रम का आव्हान किया था। स्वामी विवेकानंद ने दृढ़ता के साथ संदेश दिया था कि मनुष्य के लिये कोई कार्य असंभव नहीं है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि युवाओं के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर राज्य सरकार मूर्त रूप प्रदान कर रही है। स्टार्टअप के क्षेत्र में बैंगलुरू और हैदराबाद को हम पीछे छोड़ सकते हैं। स्वच्छता में अग्रणी रहने वाले इन्दौर में स्टार्टअप क्षेत्र में 700 करोड़ की फंडिंग आ चुकी है। प्रदेश में अधो-संरचना विकास के बाद विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। इस वर्ष 20 लाख टन गेहूँ निर्यात का लक्ष्य है। देश की जीडीपी में मध्यप्रदेश का योगदान 3.6 से बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गया है। अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना हमारा संकल्प है। जनवरी, फरवरी और मार्च माह में करीब 14 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ने में सफलता मिली है। मध्यप्रदेश का नौजवान भी नई उड़ान के लिये तैयार है। स्टार्टअप नीति सफलता के नए आयाम स्थापित करेगी। स्टार्टअप विकास के लिये प्रदेश में ईको सिस्टम तैयार है।

:: प्रधानमंत्री का नेतृत्व है दूरदर्शी, युवाओं को मिल रहा पूरा सहयोग ::
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ग्रोथ रेट में निरंतर वृद्धि हो रही है। स्थिर सरकार है। प्रधानमंत्री श्री मोदी वर्ष 2025 तक भारत की इकोनॉमी को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य लेकर प्रयासरत हैं। एक समय था, जब स्टार्टअप के बारे में कोई नहीं जानता था। अब देश में स्टार्टअप के लिये युवाओं को पूरा सहयोग और प्रोत्साहन मिल रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने युवाओं से आह्वान किया कि “राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है। जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है। ”

:: नई नीतियों से विकास का मार्ग हुआ प्रशस्त ::
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की उद्योग नीति निवेशक हितैषी है। अन्य नई नीतियाँ विकास का मार्ग प्रशस्त करने में सहायक हैं। एमएसएमई नीति भी लागू की गई है। खाद्य प्र-संस्करण से संबंधित प्रोत्साहनकारी योजनाएँ लागू हो रही हैं। नई राइस मिलिंग नीति और इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति शीघ्र आ रही है। ईज ऑफ डूईंग पर निरंतर काम हो रहा है। मध्यप्रदेश को स्टार्टअप क्षेत्र में अग्रणी राज्य की मान्यता मिल रही है।
मुख्यमंत्री चौहान कॉन्क्लेव में आयोजित विभिन्न सत्रों में शामिल हुए और स्टार्टअप्स एवं उद्योगपतियों के साथ बैठकर चर्चा भी की। स्टार्टअप नीति के लांचिंग कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा और सांसद शंकर लालवानी ने भी संबोधित किया। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्टार्टअप युवा शामिल रहे।

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