Ratnagiri ATS Raid: रत्नागिरी से अरबी भाषा की शिक्षिका समेत तीन लोगों से पूछताछ, व्हाट्सएप ग्रुप और डिजिटल साक्ष्यों की जांच

महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप ग्रुप (WhatsApp Group) से जुड़े मामले की गहराई से छानबीन करने के लिए राज्य में पांच अलग-अलग ठिकानों पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया है। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस ग्रुप के सदस्य कौन-कौन हैं, उनकी ऑनलाइन गतिविधियां किस तरह की थीं और क्या उनके तार पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े हुए हैं या नहीं।
📱 रत्नागिरी के राजापुर में शिक्षिका और उनके परिवार से पूछताछ: मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा जब्त
इस कार्रवाई के दौरान एटीएस ने रत्नागिरी जिले के राजापुर इलाके में एक अरबी भाषा की शिक्षिका, उनके पति और बेटी से लंबी पूछताछ की। व्हाट्सएप ग्रुप और उसकी गतिविधियों को लेकर तीनों से कई घंटों तक सवाल-जवाब किए गए और जांच के लिए उनके मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए गए हैं। एटीएस अब इन उपकरणों में मौजूद चैट, डिजिटल दस्तावेजों और संदिग्ध संपर्कों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस नेटवर्क का असली मकसद क्या था।
🔍 धार्मिक चर्चाओं के बीच आतंकी कनेक्शन का शक: ठोस सबूतों की तलाश में जुटी एजेंसी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस व्हाट्सएप ग्रुप पर मुख्य रूप से धार्मिक विषयों पर चर्चाएं होती थीं, जिसके बाद एटीएस की नजर इन गतिविधियों पर पड़ी। हालांकि, एजेंसी का यह भी मानना है कि केवल किसी अंतरराष्ट्रीय ग्रुप का सदस्य होना ही किसी आतंकी गतिविधि में शामिल होने का पक्का प्रमाण नहीं है। हिज्बुल मुजाहिदीन से संभावित संबंधों की पुष्टि केवल गहन तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के मिलने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल एटीएस इस मामले में हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है।





