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राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी सप्ताह गतिविधि 21 से 28 मई तक

बीजिंग| चीन में राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी सप्ताह गतिविधि 21 से 28 मई तक आयोजित हो रही है। इस साल की गतिविधि का विषय है ‘एक साथ विज्ञान के करीब जाएं’। इस हफ्ते में चीन के विभिन्न क्षेत्रों में जैव विविधता की रक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, समुद्र विज्ञान व तकनीक, प्रौद्योगिकी शीतकालीन ओलंपिक और जातीय विशेषता वाले लोकप्रिय विज्ञान आदि विषयों पर कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। अब चीनी लोगों, विशेषकर युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ रही है। उदाहरण के लिए चीन के अंतरिक्ष स्टेशन थ्येनकोंग के नाम पर कक्षा काफी लोकप्रिय है। थ्येनकोंग कक्षा में चीन के अंतरिक्ष यात्रियों ने अध्यापक के रूप में नागरिकों, विशेषकर युवा छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में जानकारी दी। 23 मार्च 2022 को थ्येनकोंग कक्षा की दूसरी पाठशाला में शनचो नंबर 13 समानव अंतरिक्ष यान में सवार अंतरिक्ष यात्रियों ने भारहीनता के वातावरण में कई दिलचस्प प्रयोगों का प्रदर्शन किया, इसके पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांतों की व्याख्या की, अंतरिक्ष विज्ञान सुविधाओं को दिखाया और अंतरिक्ष स्टेशन के काम करने और रहने की स्थिति का परिचय दिया।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास पर बड़ा ध्यान देते हैं। उन्होंने कई मौकों पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर दिया। वैश्विक विकास की नई स्थिति और चीन में विकास की नई शुरुआत में शी चिनफिंग ने कहा कि चीन मजबूत बनना चाहता है और पुनरुत्थान करना चाहता है, तो विज्ञान और प्रौद्योगिकी का जोरदार विकास करना होगा, ताकि दुनिया का मुख्य विज्ञान और नवाचार केंद्र बन सके।

चीन का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 में वह नवोन्मेषी देशों की पहली श्रेणी में प्रवेश करेगा और नए चीन की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी का शक्तिशाली देश बनेगा।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी का शक्तिशाली देश बनने के लिए प्रतिष्ठित तकनीकी उपलब्धियां होने पड़ती है। हाल के वर्षो में चीन के विज्ञान और तकनीक जगत ने एकजुट होकर मुख्य क्षेत्रों में सिलसिलेवार प्रगति की। जैसा कि शनचो नंबर 11 समानव अंतरिक्ष यान और थ्येनकोंग नंबर 2 एयरक्राफ्ट के पृथ्वी से 393 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्वचालित रूप से जोड़ने का मिशन पूरा हुआ। चीन द्वारा स्वनिर्मित च्याओलोंग मानवयुक्त पनडुब्बी समुद्र के नीचे 7,062 मीटर तक पहुंची। चीन के तकनीकी नवाचार में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुईं।

तकनीकी नवाचार का उद्देश्य नागरिकों के जीवन को सुविधाजनक बनाना है। हाल के वर्षों में चीन में हाई स्पीड रेलवे का तेज विकास इसका प्रतीक है। वर्ष 2021 तक चीन में हाई स्पीड रेलवे की कुल लंबाई 40 हजार किलोमीटर से अधिक रही, जो दुनिया में पहले स्थान पर है। दूरस्थ क्षेत्र और पिछड़े क्षेत्र भी हाई स्पीड रेलवे से जुड़े हुए हैं।

कहा जा सकता है कि आज देश के भविष्य और नागरिकों के जीवन पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी का इतना गहरा प्रभाव पड़ा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। विज्ञान और प्रौद्योगिकी देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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