ब्रेकिंग
मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया... "उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो"; राहुल गांधी ने किया समर्थन, बीजेपी और संघ पर साधा तीखा निशाना शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री; दिल्ली कूच की दी बड़ी चेतावनी, जानें क्या ह... Bihar News: औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने उठाया खौफनाक कदम; 4 की जान गई, एक की हालत गंभीर, आत्महत्या... Delhi-UP Weather Update: दिल्ली-यूपी में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, IMD ने अगले 3 दिनों ... Jalandhar Crime: जालंधर में दिन-दिहाड़े ज्वैलर पर खूनी हमला, दुकान में घुसकर बदमाशों ने मचाया तांडव;... Punjab Road Accident: पंजाब में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराकर कार के उड़े परखच्चे; चालक की मौके पर... नशे का 'ग्लोबल नेटवर्क' ध्वस्त! विदेशों में होनी थी अफीम की सप्लाई, पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया अंतरराष... PM मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां में टेका मत्था; संत निरंजन दास जी से लिया आशीर्वाद, रविदास जयंती पर बड़... PM मोदी की यात्रा रविदासिया समाज के प्रति सम्मान और विश्वास का संदेश: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
देश

मुलायम के खिलाफ लड़ चुके बाहुबली रमाकांत यादव की सपा में होगी घर वापसी

आजमगढ़: राजनीति संभावनाओं का खेल है। इसमें न कोई पक्का मित्र होता है न ही शत्रु। कब क्या हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। ऐसा ही मामला इन दिनों आजमगढ़ में देखने को मिल रहा है। यहां से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद व बाहुबली नेता रमाकांत यादव ने यू टर्न ले लिया है। उनके फिर से समाजवादी पार्टी में घर वापसी की खबरें मिल रही हैं। ज्ञात हो कि सपा से बाहर किए जाने के बाद उन्होंने कहा था कि ‘अब वे तो क्या सपा में उनकी लाश भी नहीं जाएगी।’ लेकिन अब वक्त बदल चुका है।

सपा सूत्रों के मुताबिक रमाकांत यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में 6 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि दल-बदल में माहिर रमाकांत ने राजनीतिक करियर डूबता देख समाजवादी पार्टी में वापसी का फैसला लिया है।

बीजेपी से टिकट कटने पर कांग्रेस में हुए शामिल
बता दें कि वर्ष 2019 में बीजेपी से टिकट न मिलने से नाराज रमाकांत ने कांग्रेस का हाथ पकड़ा था। कांग्रेस ने उन्हें भदोही से मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें बीजेपी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इतना ही नहीं उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी। निर्दलीय राजनीति की शुरुआत करने वाले रमाकांत यादव मुलायम सिंह के करीबी हुआ करते थे। अब रमाकांत यादव के सपा में जाने की खबरों को बीजेपी ने राजनीतिक स्वार्थ का फैसला बताया है।

लाश भी सपा में न जाने की कही थी बात
समाजवादी पार्टी में जाने का ऐलान करने वाले रमाकांत ने अब यू-टर्न ले लिया है। हालांकि, बीजेपी उनके इस फैसले को राजनीतिक स्वार्थ बता रही है। बता दें आजमगढ़ में बाहुबली छवि वाले रमाकांत ने वर्ष 2004 में सपा से बाहर होने के बाद कहा था कि अब वे तो क्या उनकी लाश भी सपा में नहीं जाएगी। लेकिन, अब उनका कहना है कि अभी वह जीवित हैं। उधर, बीजेपी ने रमाकांत को राजनीति में मृतक बताया है।

क्यों छोड़ी बीजेपी?
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने आजमगढ़ सीट से भोजपुरी स्टार निरहुआ को टिकट दे दिया। इससे नाराज होकर रमाकांत ने कांग्रेस का दामन थम लिया। उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी पर भी हमला बोला था। पूर्व सांसद ने कहा था कि आजमगढ़ में गठबंधन के चलते उनके समर्थक अखिलेश यादव को वोट करेंगे। वहीं, जनता तय करेगी कि नाचने-गाने वाले को जिताना है या अखिलेश को।

मुलायम के खिलाफ भी लड़ चुके हैं चुनाव
बता दें साल 2014 में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर आजमगढ़ से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें करीब 30 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार रमाकांत को उम्मीद थी कि उन्हें फिर से टिकट मिलेगा, लेकिन बीजेपी ने भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव उफऱ् निरहुआ को दे दिया। इसी वजह से वे नाराज हो गए।

आजमगढ़ से 4 बार विधायक व सांसद रह चुके हैं रमाकांत
गौरतलब है कि रमाकांत यादव वर्ष 1985 में आजमगढ़ से पहली बार निर्दलीय विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1989 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, फिर 1991 में समाजवादी जनता पार्टी और 1993 में सपा के टिकट से विधायक बने। 1996 और 1999 में वे आजमगढ़ से सपा के टिकट पर लोकसभा पहुंचे। इसके बाद 2004 में बसपा और 2009 में फिर सपा के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा का सफऱ तय किया। रमाकांत यादव चार बार विधायक और चार बार सांसद रह चुके हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button