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19 साल बाद उठा बाल ठाकरे की गिरफ्तारी का मुद्दा, शिवसेना बोली- माफी मांगे अजित पवार

मुंबई: शिवसेना के सांसद संजय राउत ने वर्ष 2000 में बाल ठाकरे की गिरफ्तारी को लेकर राकांपा के वरिष्ठ नेता अजित पवार के बयान के बाद उनसे माफी की मांग की है। एक दिन पहले पवार ने कहा था कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख को गिरफ्तार करना एक भूल थी। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य और संसद में पार्टी के मुख्य सचेतक राउत ने ट्विटर पर लिखा कि आपको इस बात का एहसास करने में लंबा वक्त लगा कि बाला साहब ठाकरे को गिरफ्तार करना एक भूल थी। अगर आपके आंसू सच्चे हैं तो आपको उनकी गिरफ्तारी पर माफी मांगनी चाहिए।

अजित पवार ने शुक्रवार को कहा कि उनके जैसे कुछ अन्य नेताओं के विरोध के बावजूद राकांपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने वर्ष 2000 में बाला साहब ठाकरे की गिरफ्तारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक भूल थी। महाराष्ट्र में कांग्रेस-राकांपा की सरकार के दौरान शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में सांप्रदायिक घृणा की भावना को कथित तौर पर उकसाने के आरोप में ठाकरे को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के विषय पर ठाकरे का कथित भड़काऊ लेख ‘सामना’ में प्रकाशित हुआ था, जिसके बाद मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे जिसमें 300 से अधिक लोग मारे गये थे।

हाल में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपने पिता की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा था कि महाराष्ट्र ‘‘बदले और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित राजनीति” की सराहना नहीं करता है। मुंबई में शिवसेना कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे पिता को भ्रष्टाचार या किसी अन्य अनियमितता के आरोप में गिरफ्तार नहीं किया गया था बल्कि उन्हें तो 1992-93 के दंगों के दौरान मुंबई और महाराष्ट्र में हिंदुओं की रक्षा के लिये गिरफ्तार किया गया था।

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