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उत्तर प्रदेश में इतिहास हो जाएगा डायल 100, 112 होगा नया इमरजेंसी नंबर

लखनऊः उत्तर प्रदेश में 26 अक्टूबर को 100 नम्बर आपातकालीन हेल्पलाइन नम्बर के स्थान पर 112 नम्बर में परिवर्तित कर दिया जायेगा। अपर पुलिस महानिदेशक (डायल 100) असीम अरुण ने रविवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डायल 100 के स्थान पर भारत सरकार ने 112 नम्बर को पुलिस आपातकालिन हेल्पलाइन नम्बर के रूप में स्थापित करने का निर्णय किया गया है। यह नम्बर सभी राज्यों में चरणबद्ध ढंग से प्रारम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 112 नम्बर के साथ-साथ 100 नम्बर भी इस्तेमाल में रहेगा,क्यों कि 112 नम्बर से परिचित होने में लोगों को अभी समय लेगेगा। उन्होंने बताया कि 112 नम्बर तकनीकी रूप से अकिंत उन्नत नम्बर है। इसे, फायर, एम्बुलेंस जीवन रक्षक एजेंसियों(एसडीआरएफ) की सेवा प्राप्त की जा सकेंगी।

अरुण के अनुसार इतिहास के आधार पर 1972 में यूरोपियन कॉनफ्रेंस ऑफ़ पोस्टल एण्ड टेलीकम्यूनिकेशन (सीइपीटी) द्वारा 112 नंबर का आपातकालीन हेल्पलाइन नम्बर का दो कारणों से चयन किया गया। महिलाएं उस समय के टेलीफोन में डॉयल घुमाने वाला होता था। जिसमें 112 डायल करने में सबसे कम समय लगता है। दूसरा उन टेलीफोन सैट में नम्बर शून्य के छेद में छोटा सा ताला लगा कर फोन को लॉक कर दिया जाता था। इस लिए अगर फ़ोन लॉक भी हो तब भी 112 डायल हो सकता था।

आज के टेक्नोलॉजी के दौर में मोबाइल फ़ोन से 112 डायल करना अत्यंत सरल है। क्योंकि यह नम्बर सभी मोबाइल फ़ोन्स में 112 नम्बर पहले से ही दर्ज रहता है और इसे फ़ोन लॉक होने पर भी डायल कर सकते है।

अनिवायरिता के आधार पर 2008 में इंटरनेशनल टेलीकाम कम्यूनिकेशन्स यूनियन (आईटीयू) द्वारा एकल सार्वभौमिक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर को अपने की संस्तुति की गयी है। जिसमें 112 और 911 के बीच का विकल्प दिया गया। यूरोपियन यूनियन काफी समयय पहले अपना चुका है और अमरीका में 112 नम्बर से कॉल को उनकी आपातकालीन सेवा 911 पर प्रेषित करता है। असीम ने बताया कि वर्तमान में 112 नम्बर भारत के अलावा विश्व के 80 देशों आपातकालीन नंबर के रुप में सक्रिय है।

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