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ओवैसी की पार्टी की वजह से कांग्रेस-NCP को गंवानी पड़ी 9 सीटें

मुम्बई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम का विश्लेषण करने से पता चलता है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (ए.आई. एम.आई.एम.) को 2 सीटें मिली हैं जिनमें से मालेगांव सैंट्रल तथा धुले सिटी सीट शामिल हैं। वहीं ए.आई.एम. आई.एम. की वजह से महाराष्ट्र में कांग्रेस-एन.सी.पी. को 9 सीटें गंवानी पड़ी हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि ए.आई.एम. आई.एम. मुस्लिम प्रतिनिधित्व के वरदान है या अभिशाप।

विधानसभा चुनाव में मुस्लिम विधायकों की संख्या 2014 से बढ़ी
इस बार हुए विधानसभा चुनाव में मुस्लिम विधायकों की संख्या 2014 से बढ़ी है। इस बार 10 उम्मीदवार जीतकर पहुंचे हैं, 2014 में यह संख्या 9 तक थी। चुनाव नतीजों को देखकर ऐसा लग रहा है कि अगर मुस्लिम वोट नहीं बंटते तो शायद यह संख्या और अधिक हो सकती थी। ऐसी कई सीट हैं जहां मुस्लिम उम्मीदवार बहुत कम वोटों से हारे। उनके हारने का एक कारण यह भी रहा कि कई और मुस्लिम उम्मीदवारों ने उनके वोट काटे। प्रदेश में कुल 31 ऐसे निर्वाचन क्षेत्र हैं जहां मुस्लिम वोटरों की आबादी अच्छी-खासी है।
भिवंडी वैस्ट में भाजपा के विजेता उम्मीदवार प्रभाकर चौगाले की जीत का कारण है कि उनके खिलाफ खड़े 3 मुस्लिम उम्मीदवार निर्दलीय खालिद गुड्डू, कांग्रेस के शोएब गुड्डू और बी.एस.पी. के अबुसामा खान खड़े थे। हालांकि, भिवंडी ईस्ट में एस.पी. के रईस शेख ने शिवसेना के रुपेश म्हात्रे को महज 956 वोटों से हराया। भिवंडी वैस्ट के नतीजों पर एक उर्दू पत्रकार ने बताया कि दोनों गुड्डू के बीच मुस्लिम वोट बंट गए। इस कारण भाजपा उम्मीदवार की जीत हुई।

विश्लेषकों की राय, भगवा ताकतों को मिला गोलबंदी का मौका
क्षेत्र की राजनीति के जानकारों का कहना है कि ओवैसी की पार्टी ने खासतौर पर भावनात्मक मुद्दों पर जोर दिया था। इस कारण से भगवाधारी ताकतों को गोलबंदी का मौका मिल गया। पार्टी ने 2 सीटें जीतीं लेकिन वोट बंटवारे के कारण मालेगांव की सीट गंवा बैठी।

मुम्बई में मुस्लिम वोटों के बंटने का हुआ नुक्सान
मुम्बई में 10 विधानसभा सीटें हैं और 2014 में इनमें से 5 पर मुस्लिम उम्मीदवार जीते थे। इस बार वोटों के बंटने का असर नजर आया और कांग्रेस-एन.सी.पी. के कुछ उम्मीदवारों को अपनी सीट गंवानी पड़ी। 4 बार से कांग्रेस के उम्मीदवार आरिफ नसीम खान चांदीवली से सिर्फ 409 वोटों से हार गए। खान की हार मुख्य तौर पर ओवैसी की पार्टी के इमरान कुरैशी को मिले वोट के कारण हुई।

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