ब्रेकिंग
कवर्धा में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख के जाली नोट, टाटा पंच EV कार और प्रिंटर के साथ 3 ग... पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के... भोपाल में 'हर घर तिरंगा' अभियान की भव्य तैयारी: कोलार से बैरागढ़ तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, प्रशासन न... रतलाम में 24 घंटे में ढाई इंच बारिश: फसलों को मिला संजीवनी बूस्टर, जिला अस्पताल के वार्डों में टपका ...
देश

‘अयोध्या में कायम है अमन, पर बाहरी तत्वों से लगता है डर’

अयोध्या रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है। ऐसे में जागरण डॉट कॉम की टीम अयोध्या पहुंची। तीन दिन तक सरयू तट से लेकर हजरत बाबा जलील नक्शबंदी की मजार तक घूमे, लोगों से बात की। एहतियात के हिसाब से ज्यादा चाक चौबंद हो चुके अयोध्या में फैसले का सभी को इंतजार है। राम मंदिर या बाबरी मस्जिद के पक्ष से जुड़े लोगों से ज्यादा उन्हें इतजार है जिनके घरों में नवंबर को मांगलिक कार्य होने हैं। फैसले के वक्त कहीं कर्फ्यू तो नहीं लग जाएगा, माहौल तो नहीं बिगड़ जाएगा, इस तरह की शंका कई परिवारों में देखने को मिली। शादी ब्याह वाले परिवार अभी से प्रशासन से संभावित सख्ती में रियायत के लिए संपर्क साध रहे हैं।

बहरहाल हम हनुमान गढ़ी के पास स्थित अशरफी भवन चौराहे पर पहुंचे। यहां चाय की दुकान पर कुछ लोग कहकहे लगा रहे थे। कुछ मुस्लिम थे, कुछ हिन्दू व्यापारी और कुछ मंदिर के महंत। चाय की चुस्की में शामिल होते हुए अयोध्या के मौजूदा माहौल पर चर्चा छिड़ी तो कुश्ती संघ से जुड़े घनश्याम पहलवान कहने लगे- ‘हम लोगों में आपस में भाईचारा बना हुआ है। न कोई तनाव है न कोई अफ्वाह है। रोज की तरह एक दूसरे से मिलते हैं, भाईचारा कायम है। हमारे अखाडे़ पर हिन्दू मुस्लिम बच्चे पहले की तरह कुश्ती सीखते हैं, रोज वर्जिश करते हैं। कोर्ट का जो फैसला होगा माना जाएगा।’

पास ही तहमद बांधे बैठे दुकानदार सईद अहमद ने कहा कि कोई पचास साल से हम इस चौराहे पर बैठते आ रहे हैं। कभी आपस में कोई विवाद नहीं रहा। हिन्दू मुस्लिम मिल कर रहते हैं। बाहरी तत्व कई बार आ जाते हैं तो डर होता है। वो लोग हुड़दंगई करते हैं। यहां का आम नागरिक मिलजुकर रहता आया है, यही उसे पसंद है। बाहरी लोगों के यहां आकर माहौल खराब करने पर अताउल्लाह रायनी ने भी सुर से सुर मिलाया। बकौल अताउल्लाह- ‘सरकारें विकास कर रही हैं। इस सरकार में भी काम हो रहा है। भाईचारा कायम है। हिन्दू के घर शादी ब्याह होता है, हम जाते हैं, वो हमारे घर आते हैं। बाहरी लोगों का आना न हो तो बेहतर है। अराजक तत्व गड़बड़ करते हैं। हिन्दू मुस्लिम यहां एक दूसरे की मदद करते हैं।’

माथे पर चंदन का तिलक लगाए चाय का आनंद ले रहे महंत बाबा रामकुमार दास कहने लगे अयोध्या में कोई तनाव नहीं है। भाईचारा बना हुआ है। सियासत के चलते अयोध्या के विकास न होने की बात भी बेमानी है। यहां भरपूर विकास हो रहा है।” सुदीप कुमार सैनी कहते हैं- ‘हमलोग मिलजुलकर रहते हैं। चाय नाश्ता करते हैं। रोज चौक पर मुलाकात होती है। हम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। जो भी फैसला होगा उसका इंतजार कर रहे हैं।’

इस बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए हम आगे बढ़ ही रहे थे कि साधू भेष में नजर आ रहे एक सज्जन कहने से न चूके-‘जन्मभूमि पर मंदिर बनने का इंतजार है। हिन्दू मुस्लिम दोनों इंतजार कर रहे हैं कि कब मंदिर बने। जय श्री राम’ कमोबेश यही आलम अयोध्या से लेकर 8 कलोमीटर दूर फैजाबाद तक है। हालांकि योगी सरकार ने अब फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या ही रख दिया है। पर इस आध्यात्मिक नगरी में चाय पर चर्चा हो या कोई शादी, जन्मोत्सव का जलसा, सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले की चर्चा छिड़ ही जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button