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मध्यप्रदेश

सत्ता की चाह में बीजेपी-कांग्रेस के दांव विपक्ष के इन वादों का शिवराज सरकार के पास काट नहीं

भोपाल । नए साल के साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारियां बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने शुरू कर दी है। दोनों की तरफ से ही चुनावी दांव भी चले जा रहे हैं। बीजेपी जहां केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ पाने वाले लाभार्थियों से संपर्क साधने की तैयारी में है। वहीं कांग्रेस ने सरकार बनने पर किसानों का कर्ज माफ और पुरानी पेंशन फिर से लागू करने समेत अन्य वादों का दांव चला है।

प्रदेश में 2023 के नवंबर महीने में नई सरकार का गठन हो जाएगा। इससे पहले चुनाव में जाने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने वोट बैंक को झोली में करने का जतन शुरू कर दिया है। प्रदेश में करीब 90 लाख लोगों ने किसी न किसी रूप में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया है। बीजेपी उनको साधने के लिए संपर्क करने की रणनीति बना रही है। इसके साथ ही बीजेपी एक फरवरी से 15 फरवरी तक विकास यात्राएं निकालने वाली है। इसमें लोकार्पण शिलान्यास किए जाएंगे। इसके अलावा एक लाख नौकरियों का वादा हर व्यक्ति का घर का सपना पूरा करने भू अधिकार योजना के तहत प्लाट के पट्टे देने के साथ जनहितैषी छवि बना रही है।

पुरानी पेंशन कर्ज माफी का काट नहीं…
कांग्रेस भी आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी तरह कम दिखने को तैयार नहीं है। कांग्रेस की तरफ से नया साल नई सरकार के पोस्टर के साथ ही पीसीसी चीफ कमलनाथ को भावी मुख्यमंत्री बता दिया है। कमलनाथ लगातार घोषणाएं कर रहे हैं। इसमें किसानों की कर्ज माफी साथ-साथ पुरानी पेंशन योजना से कर्मचारियों को साधने की कोशिश भी की जा रही है। कांग्रेस के इन दो दावों पर बीजेपी सरकार के पास कोई काट नहीं है। इसके साथ ही 100 रुपये में 100 यूनिट बिजली बेरोजगारों को नौकरी के अवसर और दिव्यांगों को एक हजार रुपये पेंशन पुलिस कर्मियों को सप्ताह में अवकाश जैसी घोषणाएं शामिल हैं।

कांग्रेस के मुद्दों पर जनता नाराज…
वहीं इस मामले में बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल कहते हैं कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ अपने मजबूत बूथ और केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के साथ चुनाव मैदान में जाएगी। कांग्रेस जिन वादों की बात कर रही है उनसे जनता 15 महीने की सरकार में ही नाराज हो गई थी। अब काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती जिन किसनों को कर्ज माफी का वादा किया था उनको बैंक डिफाल्टर बना कर छोड़ दिया। बेरोजगारी भत्ता का युवाओं से वादा किया और सरकारी नौकरी और भत्ता दोनों नहीं दिए। महिलाओं की चलने वाली कल्याणकारी योजना बंद कर दी।

भाजपा की प्रदेश से विदाई तय…
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कांग्रेस का आत्मविश्वास जनभावनाओं और सरकार के खिलाफ आक्रोश को देखने के बाद स्पष्ट हो रहा है। हितग्राहियों की सारी योजनाओं जिनके नाम पर सिर्फ विज्ञापन में सरकार अपनी कथित छवि चमका रही है वह विभिन्न भ्रष्टाचारों में लिप्त है जिसके आरोप विभिन्न जांच एजेंसियां और भाजपा के ही कद्दावार नेता लगा रहे हैं। जहां तक भाजपा के संगठन का प्रश्न है तो किसी जमाने में था। अब भाजपा के संगठन में कार्यकर्ताओं की नहीं नौकरशाहों की चल रही है। यह आरोप भी भाजपा नेताओं के ही है। इसलिए भाजपा की प्रदेश से विदाई और कमलनाथ का मुख्यमंत्री बनना सुनिश्चित है।

चुनाव दोनों के लिए आसान नहीं…
आगामी विधानसभा चुनाव 2023 बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के लिए आसान नहीं है। मौजूदा समय में सत्ता में बैठी बीजेपी सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी होने की चर्चा है। वहीं पार्टी के अंदर ही नेताओं में मतभेद है। वहीं कांग्रेस के पास बीजेपी के खिलाफ माहौल को भुनाने वाला संगठन नहीं दिख रहा है। यहां भी पार्टी के नेताओं में एकजुटता नहीं दिख रही है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव दोनों ही पार्टी के लिए आसान नहीं दिख रहा है।

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