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उत्तरप्रदेश

पखावज वादक दिनेश प्रसाद का प्रदर्शन करते मंच पर मौत

लखनऊ| जाने-माने पखावज वादक और यूपी संगीत नाटक अकादमी (यूपीएसएनए) से सम्मानित 67 वर्षीय दिनेश प्रसाद की सोमवार शाम लखनऊ में सनतकदा महोत्सव में प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई। लारी कॉर्डियोलॉजी सेंटर के डॉक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की। प्रसाद इलियास हुसैन खान, इलियास खान, श्रीकांत शुक्ला, जीशान और सिद्दीकी जैसे अन्य संगीतकारों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे।

मौके पर मौजूद उत्सव की आयोजक, माधवी कुकरेजा ने कहा कि प्रसाद ने अपने प्रदर्शन के दौरान कुछ मिनटों के लिए पखावज बजाना बंद कर दिया, लेकिन बाद में फिर से शुरू कर दिया। इसी दौरान उन्हें कुछ बेचैनी महसूस हुई, तो उन्होंने एक गिलास पानी मांगा। लेकिन चंद पलों में ही वह मंच पर गिर पड़े।

1956 में मथुरा में जन्मे प्रसाद पखावज वादकों के मथुरा घराने से ताल्लुक रखते थे और उन्होंने अपने पिता बाबूलालजी से कला सीखी थी।

वह यूपी संगीत नाटक अकादमी के कथक केंद्र में नौकरी करने के बाद 1989 में लखनऊ आ गए, जहां से वे 2014 में सेवानिवृत्त हुए। प्रसाद को पखावज वादन को बढ़ावा देने के लिए 2005 में प्रतिष्ठित यूपीएसएनए पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

एक नियमित दूरदर्शन कलाकार और रेडियो कलाकार प्रसाद ने लखनऊ और झांसी महोत्सव सहित देश भर के विभिन्न उत्सवों में प्रस्तुति दी।

मंच पर प्रसाद के आकस्मिक निधन से लोग सदमें आ गए। तबला वादक इलियास हुसैन खान ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान वह उनके ठीक बगल में बैठे थे। दिनेश जी ने मुझे ‘कार्यक्रम मत रोको, मैं ठीक हो जाऊंगा’ भी कहा, लेकिन वह अचानक गिर गए। हमने उन्हें लगातार सीपीआर दिया, लारी कॉर्डियोलॉजी सेंटर ले जाया गया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।

प्रसाद के बेटे पीयूष ने कहा, मेरे पिता दिल के मरीज थे। उन्हें पहले भी दिल का दौरा पड़ा था, लेकिन उनकी तबीयत स्थिर थी। पूरा परिवार सदमे में है। वह अपने प्रदर्शन की पूरी तैयारी के साथ कार्यक्रम में गए थे और एक दिन पहले रिहर्सल भी की थी।

 

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