फर्जी मत्स्य अधिकारी बनकर मछली पालकों से रंगदारी: बरेली पुलिस ने शातिर गिरोह का किया भंडाफोड़

बरेली (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मछली पालकों को विभागीय कार्रवाई और जेल भेजने की धमकी देकर लाखों रुपये की अवैध वसूली करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
इस गिरोह के सदस्य कभी स्वयं को प्रेस का पत्रकार तो कभी मत्स्य पालन विभाग का उच्चाधिकारी बताकर ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों पर पहुंचते थे। वहां वे पालकों पर प्रतिबंधित प्रजाति की थाई मांगुर मछली पालने का झूठा आरोप लगाते थे और मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने का खौफ दिखाकर मोटी रकम ऐंठ लेते थे। पुलिस ने इस मामले में दो सक्रिय आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य सदस्य फरार हैं।
🎣 भोजीपुरा में 70 हजार की वसूली: दोबारा रकम मांगने आया साजिद रंगे हाथ पकड़ा गया
पीड़ित की शिकायत और आरोपी की गिरफ्तारी:
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शिकायतकर्ता का बयान: भोजीपुरा थाना क्षेत्र निवासी मछली पालक सालिम रजा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 9 सितंबर को उनके मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति की कॉल आई, जिसने खुद को मत्स्य विभाग का अधिकारी बताया।
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तालाब पर दबिश और वसूली: इसके तुरंत बाद कुछ लोग उनके तालाब पर पहुंचे, तालाब और मछलियों की तस्वीरें खींचीं और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर जबरन 70 हजार रुपये ऐंठ लिए।
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रंगे हाथ पकड़ा गया: लालच में आकर गिरोह का सदस्य साजिद जब दोबारा अतिरिक्त रकम ऐंठने पहुंचा, तो सतर्क पीड़ित और ग्रामीणों ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि उसके साथी भागने में सफल रहे।
👮♂️ देवरनियां में भी 13 हजार की ठगी: रेलवे स्टेशन के पास से दबोचा गया मोहम्मद आजम
अन्य वारदातों का खुलासा और स्वीकारोक्ति:
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प्यारे लाल से ठगी: जांच के दौरान देवरनियां थाना क्षेत्र अंतर्गत भूला भुलनिया गांव निवासी प्यारे लाल ने बताया कि 6 सितंबर को इसी गिरोह ने फर्जी अधिकारी बनकर कार्रवाई के नाम पर उनसे 13 हजार रुपये वसूल लिए थे।
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रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी: देवरनियां पुलिस ने जाल बिछाते हुए मामले के दूसरे नामजद आरोपी मोहम्मद आजम को देवरनियां रेलवे स्टेशन के समीप से गिरफ्तार किया।
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अपराध स्वीकार: पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे साठगांठ कर पत्रकार या अधिकारी बनते थे और भोले-भाले किसानों व पालकों को डराकर ऐंठी गई रकम आपस में बांट लेते थे।
💰 2 लाख से अधिक की वसूली का खुलासा: 3 फरार साथियों की तलाश में पुलिस की दबिश
विभागीय अलर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई:
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विभागीय शिकायतें: मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक गायत्री पांडेय ने बताया कि देवरनियां, भोजीपुरा और मीरगंज क्षेत्रों से फर्जी अधिकारी बनकर वसूली करने की निरंतर शिकायतें और एक संदिग्ध वीडियो प्राप्त हुआ था, जिसके बाद पुलिस को सतर्क किया गया।
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डिजिटल साक्ष्य: एसपी सिटी मुकेश चंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और यूपीआई (UPI) ऑनलाइन लेनदेन तथा स्क्रीनशॉट्स से अब तक 2 लाख रुपये से अधिक की रंगदारी वसूले जाने की पुष्टि हुई है।
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फरार आरोपियों की तलाश: गिरोह के अन्य तीन फरार सदस्यों—रिजवान खान (निवासी कर्मपुर चौधरी), बसंत शर्मा (निवासी कासगंज) और अरविंद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।





