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मध्यप्रदेश

मप्र में पहले चरण में भोपाल, खजुराहो और उज्जैन में बनेंगे सांस्कृतिक वन

भोपाल । वन विभाग पहले चरण में मध्य प्रदेश के भोपाल, छतरपुर जिले के खजुराहो एवं उज्जैन में सांस्कृतिक वन बनाएगा। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की सहमति के बाद वन विभाग के पर्यावरण वानिकी बजट मद में 26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इन सांस्कृतिक वनों में स्थानीय क्षेत्र की संस्कृति के अनुसार प्रतिमाएं, वृक्ष, नक्षत्र पार्क, राशि पार्क आदि बनाए जाएंगे। इसके लिए डीपीआर तैयार की जाएगी। ये सांस्कृतिक वन पांच हेक्टेयर क्षेत्र में होंगे और पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे।पहले चरण में भोपाल के मैनिट एवं कोलार गेस्ट हाऊस के बीच भोजपाल वन, उज्जैन में विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में महाकाल वन और खजुराहो में विरासत वन स्वीकृत किया गया है।

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में हर वर्ष एक जिले में सांस्कृतिक वन बनाए जाने के कार्यक्रम की जानकारी देकर मध्य प्रदेश में भी इस तरह की पहल करने के लिए कहा था। जिस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने वन मुख्यालय भोपाल से विकास शाखा के एपीसीसीएफ यूके सुबुद्धि को गुजरात भेजकर वहां के सांस्कृतिक वनों का अध्ययन कराया था। अध्ययन के बाद सुबुद्धि ने मुख्य सचिव बैंस के समक्ष गुजरात में किए अध्ययन का प्रस्तुतीकरण किया था।

वन विभाग के एपीसीसीएफ सुबुद्धि ने सात स्थानों भोपाल में भोजपाल वन, खजुराहो में विरासत वन, उज्जैन में महाकाल वन, चित्रकूट में राम वन, मैहर में मां शारदा वन, सलकनपुर में मां बीजासन वन और दतिया के बढ़ौनी में मां पीतांबरा वन बनाने का प्रस्ताव दिया है। इनमें से पहले चरण में तीन स्थान भोपाल, उज्जैन और खजुराहो का चयन किया गया है।

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