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दूरसंचार कंपनियों की खस्ताहाल पर बोलीं सीतारमण- डूबने नहीं दिया जाएगा, निकाल रहे है रास्ता

नई दिल्ली। गुरुवार को निजी क्षेत्र की दो दिग्गज कंपनियों एयरटेल और वोडाफोन की खस्ताहाल वित्तीय स्थिति जिस तरह से सामने आई है उससे सरकार की भी चिंता काफी बढ़ गई है। ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं आगे आ कर इन दूरसंचार कंपनियों और इनके करोड़ों ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उन्हें डूबने नहीं देगी। वित्त मंत्रालय दूसरे संबंधित मंत्रालयों के साथ मिल कर इनकी समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।

सीतारमण के मुताबिक, ‘सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भारत में काम करने वाली कोई भी टेलीकॉम कंपनी बंद ना हो। हम चाहते हैं कि सब यहां आगे बढ़े।’ वित्त मंत्री का यह बयान बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार की तरफ दूरसंचार कंपनियों की समस्या पर सलाह मशविरा करने और उन्हें राहत देने पर सुझाव देने के लिए सचिवों की एक समिति गठित की गई है। इस समिति की तरफ से अपनी सिफारिशों को इसी पखवाड़े के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा। गुरुवार को ही वोडाफोन ने 50, 922 करोड़ रुपये के घाटे और एयरटेल ने 23,045 करोड़ रुपये के घाटे का खुलासा किया था।

दो दिन पहले वोडाफोन के सीईओ ने तो यहां तक कह दिया था कि भारत में उनकी स्थिति वहां पहुंच गई है कि अब उनके समक्ष कारोबार समेटने के सिवा दूसरा कोई रास्ता नहीं है। इन दोनों कंपनियों की ताजी वित्तीय स्थिति ने देश के टेलीकॉम सेक्टर को लेकर ना सिर्फ नई चिंताएं पैदा की है बल्कि इस महत्वपूर्ण सेक्टर में एक ही कंपनी का अधिकार होने की आशंका भी जताई जाने लगी है।

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