ब्रेकिंग
Twisha Sharma Case: 'थाने के पास घर, फिर भी पुलिस को क्यों नहीं बताया?' ट्विशा के भाई का बड़ा आरोप; ... Indore Honeytrap Case: इंदौर में शराब कारोबारी से ₹1 करोड़ की वसूली; 2019 कांड की मास्टरमाइंड श्वेता... UP Weather Update: यूपी के बांदा में पारा 48.2°C पार, टूटा रिकॉर्ड; मौसम विभाग ने जारी किया लू का 'र... NEET Paper Leak Case: सीबीआई का बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड शुभम खैरनार के पास 27 अप्रैल को ही पहुंच गय... Delhi Auto-Taxi Strike: दिल्ली में 21 से 23 मई तक ऑटो-टैक्सी की महाहड़ताल; जानें क्यों बंद रहेंगे कम... Moradabad Sonu Murder Case: मुरादाबाद के चर्चित सोनू हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मंगेतर समेत ... पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े तो झारखंड के सरकारी टीचर ने अपनाई अनोखी राह, बाइक छोड़ घोड़े से पहुंचे जनगण... बिजनौर धर्मांतरण मामला: रोजगार के बहाने श्रीनगर ले जाकर नाबालिग को पढ़वाया कलमा; पूर्व सांसद के साथ ... Twisha Sharma Case: 'I Am Trapped' मौत से ठीक पहले ट्विशा का आखिरी मैसेज; कजिन और मौसी ने किए रोंगटे... West Bengal Politics: ममता बनर्जी अपने बूथ पर भी हारीं, उनका सियासी करियर खत्म; मुख्यमंत्री शुभेंदु ...
देश

राजनाथ सिंह के दौरे से बौखलाया चीन, कहा- अरुणाचल प्रदेश नही है भारत का हिस्सा

चीन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अरुणाचल दौरे का विरोध करते हुए कहा कि उसने कभी भी भारत के ‘तथाकथित’ पूर्वोत्तर राज्य (अरुणाचल प्रदेश) को मान्यता नहीं दी है। चीन का दावा है कि यह राज्य दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। सिंह ‘मैत्री दिवस’ समारोह में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को तवांग गए थे।

‘मैत्री दिवस’ पड़ोसी देश चीन के साथ असैन्य-सैन्य मित्रता को बढ़ाने के लिए है। इस यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा कि चीन सरकार ने कभी भी इस तथाकथित राज्य अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी। उन्होंने कहा कि हम उस क्षेत्र में भारतीय अधिकारियों या नेताओं की गतिविधियों का पुरजोर विरोध करते हैं। हम भारतीय पक्ष से अनुरोध करते हैं कि वह चीन के हितों और चिंताओं का सम्मान करे, और ऐसी कोई भी कार्रवाई करने से बचे जो सीमा विवाद को जटिल बनाए। उसे सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाने चाहिए।

चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए अभी तक 21 दौर की वार्ता हो चुकी है। दोनों देशों के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा है। चीन अपने रुख को मजबूत करने के लिए हमेशा ही भारतीय नेताओं की अरुणाचल यात्रा का विरोध करता है। वहीं, भारत का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न अंग है और भारतीय नेता देश के अन्य हिस्सों की तरह ही समय-समय पर वहां भी जाते हैं। तवांग में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र में रहने वाले लोग देश के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button