ब्रेकिंग
मणिपुर प्रशासनिक फेरबदल: कुकी-नागा तनाव के बीच IAS राजीव सिंह ठाकुर संभाल सकते हैं कमान, ACC ने दी म... जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का नया पैंतरा: सर्विलांस से बचने के लिए अश्लील साइट्स और Tor आधारित सीक्रे... हल्द्वानी में खरगे के मंच के शुद्धिकरण पर भड़कीं प्रियंका गांधी: 'पीएम मोदी सच में संविधान मानते हैं... दिल्ली में BRICS समिट ने बढ़ाई होटलों की डिमांड: 25% तक बढ़े एवरेज रूम रेट्स, टूरिस्ट्स और बिजनेस ट्... तुकाराम मुंढे के एक्शन पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त: 'अधिकारी न कानून जानते हैं, न नियम'; 11 मामलों में F... शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसली महिला: प्लेटफॉर्म गैप में फंसी, RPF के ASI ने... 'दिल्लीवालों पर ही महंगा बोझ क्यों?'; CNG की कीमतों में भारी उछाल पर कांग्रेस का हमला, तत्काल रोलबैक... 'अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखा'; जयंत चौधरी का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- कुछ लोग फैला रहे जातिगत... लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या: दुबग्गा नहर से मिला शव, S... गर्लफ्रेंड के शौक के लिए बरेली में दो भाइयों ने लूटा ऑटो: सिर पर 2 किलो का बाट मारकर किया लहूलुहान
देश

राजनाथ सिंह के दौरे से बौखलाया चीन, कहा- अरुणाचल प्रदेश नही है भारत का हिस्सा

चीन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अरुणाचल दौरे का विरोध करते हुए कहा कि उसने कभी भी भारत के ‘तथाकथित’ पूर्वोत्तर राज्य (अरुणाचल प्रदेश) को मान्यता नहीं दी है। चीन का दावा है कि यह राज्य दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। सिंह ‘मैत्री दिवस’ समारोह में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को तवांग गए थे।

‘मैत्री दिवस’ पड़ोसी देश चीन के साथ असैन्य-सैन्य मित्रता को बढ़ाने के लिए है। इस यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा कि चीन सरकार ने कभी भी इस तथाकथित राज्य अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी। उन्होंने कहा कि हम उस क्षेत्र में भारतीय अधिकारियों या नेताओं की गतिविधियों का पुरजोर विरोध करते हैं। हम भारतीय पक्ष से अनुरोध करते हैं कि वह चीन के हितों और चिंताओं का सम्मान करे, और ऐसी कोई भी कार्रवाई करने से बचे जो सीमा विवाद को जटिल बनाए। उसे सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाने चाहिए।

चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए अभी तक 21 दौर की वार्ता हो चुकी है। दोनों देशों के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा है। चीन अपने रुख को मजबूत करने के लिए हमेशा ही भारतीय नेताओं की अरुणाचल यात्रा का विरोध करता है। वहीं, भारत का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न अंग है और भारतीय नेता देश के अन्य हिस्सों की तरह ही समय-समय पर वहां भी जाते हैं। तवांग में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र में रहने वाले लोग देश के लिए सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button