ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
राजस्थान

कन्हैया हत्याकांड के मुख्य गवाह का छह घंटे तक चला ऑपरेशन,हालत में मामूली सुधार

उदयपुर । पिछले साले के बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड के मुख्य गवाह राजकुमार शर्मा का दोबारा सफल ऑपरेशन किया गया। छह घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में सुधार है। संयोग की बात है कि पहला ऑपरेशन उसके जन्मदिन के दिन, जबकि दूसरा ऑपरेशन उसकी शादी की सालगिरह के दिन हुआ। चार दिन पहले 10 फरवरी को उसे एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।सभी जांचें पूरी होने पर मंगलवार को उसका ऑपरेशन किया गया। इससे पहले उसका पहला ऑपरेशन 3 अक्टूबर को हुआ था और इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ग्रीन कॉरीडोर के जरिए जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. मनीष अग्रवाल और डॉ. राशिम कटारिया को उदयपुर भेजा था।

चार घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसकी हालत सही हुई। हालांकि उसके बाद एक बार फिर उसे शरीर में स्ट्रोक आया और उसका दोबारा एक महीने बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया था। सर्दी की वजह से तब उसका ऑपरेशन टाल दिय गया और अब मंगलवार को वह संपन्न हुआ।उल्लेखनीय है कि कन्हैयालाल हत्याकांड का राजकुमार शर्मा मुख्य गवाह है। घटना के समय वह भी कन्हैयालाल की दुकान पर था और बीच-बचाव में वह घायल हो गया था।

धमकियों के बीच लंबे समय तक घर में रहने से उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और वह कर्ज के तले आ गया। घर से नहीं निकल पाने तथा रोजगार खत्म होने के साथ बेटी की शादी की चिंता में उसके शरीर के दोनों हिस्सों में स्ट्रोक आ गया था। पिछले छह महीने से राजकुमार शर्मा बिस्तर पर है तथा परिजनों की मांग है कि उसे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने के साथ एक परिजन को सरकारी नौकरी दिलाए जाए। विप्र फाउंडेशन ने राजकुमार शर्मा को आर्थिक सहायता प्रदान की थी लेकिन लगातार बीमारी के चलते घर की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

 

Related Articles

Back to top button