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मध्यप्रदेश

मुख्‍यमंत्री शिवराज की महिला केंद्रित योजनाओं से उलझन में कांग्रेस, काट की तलाश

भोपाल ।    लाड़ली लक्ष्मी योजना, कन्या विवाह योजना, गांव की बेटी सहित बच्चियों एवं महिलाओं पर केंद्रित योजनाओं के बाद मध्य प्रदेश में अब लाड़ली बहना योजना की चर्चाओं ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा सरकार इसे मिशन 2023 फतह करने का मास्टर स्ट्रोक मान रही है, तो कांग्रेस इसकी काट की तलाश में है। फिलहाल कांग्रेस ने चुनाव में अधिक से अधिक महिलाओं को टिकट देने की रणनीति बनाई है। इस योजना से गैर आयकर दाता वर्ग की सभी महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये दिए जाएंगे। राशि मिलने की शुरुआत रक्षाबंधन यानी अगस्त से होने की संभावना है। पांच मार्च से इसके आवेदन पत्र जमा करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

चुनावी साल में ऐसी योजना की घोषणा होने से कांग्रेसी खेमे में चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं

ऐसी योजनाओं के मुकाबले कोई तीर उसकी तरकश में नहीं हैं। तत्कालीन कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार में ऐसी कोई विशेष सौगात महिलाओं के लिए नहीं रही, जिसका जिक्र इस चुनाव में किया जा सके। कन्यादान योजना में राशि बढ़ाने की घोषणा भी धरातल पर उतरने से पहले ही कमल नाथ सत्ता से बाहर हो गए थे। इधर, चौथे कार्यकाल में शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं के लिए कई ऐसी योजनाएं और कार्यक्रमों की शुरुआत की है, जो उन्हें सीधे लाभ पहुंचा रही है। महिलाओं के स्व सहायता समूहों को स्थानीय रोजगार के लिहाज से आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ मिड डे मिल, बच्चों की गणवेश सिलने सहित कई काम के ठेके दिए जा रहे हैं। महिलाओं के समूहों बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने के साथ ब्याज पर सरकार राहत दे रही है। सरकार का दावा हे कि प्रदेश की 43 लाख महिलाएं समूहों से जुड़ चुकी हैं। मुख्यमंत्री चौहान संकल्प व्यक्त करते रहे हैं कि सभी महिलाओं की आमदनी 10 हजार रुपए प्रति माह करना है। आर्थिक सशक्तीकरण के साथ सरकारी नौकरियों और स्थानीय निकाय चुनावों में भी महिलाओं को 30 से 50 प्रतिशत तक आरक्षण दिया गया है। ऐसे में पहले से जारी विभिन्न योजनाओं के लाभ और पेंशन आदि के साथ गरीब परिवार की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए मिलने से भाजपा की मिशन 2023 में फतह दिखाई दे रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पूरी राजनीति के केंद्र में हमेशा महिला और बच्चियां रही हैं। गरीब तबके में महिलाओं के प्रसव और बच्ची पैदा होने पर लाड़ली लक्ष्मी का लाभ देने से लेकर अंतिम संस्कार तक के लिए सरकार ने कोई न कोई योजना बनाई हुई है। इनकी लोकप्रियता ने ही शिवराज को “मामा” के रूप में ख्याति दिलाई है।

इनका कहना है

मुख्यमंत्री खुद एक साधारण किसान परिवार से हैं इसलिए वह सभी का दुखदर्द जानते हैं। एक कल्याणकारी सरकार का दायित्व है कि वह आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाए। शिवराज सरकार की इन योजनाओं का ही परिणाम है कि हमारे यहां बालिका शिक्षा का ग्राफ बढ़ा है, शिशु मृत्युदर में कमी आई, कुपोषण से मौत का दर्द थमा है। यही कारण है कि महिला-बहनें फिर शिवराज को अपना आशीर्वाद देंगी और पांचवी बार मध्य प्रदेश में भगवा लहराएगा।

 डा हितेष वाजपेयी, प्रवक्ता भाजपा

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