ब्रेकिंग
धमतरी के बनियापारा वार्ड में गंदे पानी की सप्लाई से हड़कंप, पीलिया और टाइफाइड की चपेट में आए डेढ़ दर... जशपुर में हाथियों का तांडव: 16 हाथियों के दल ने झोपड़ी में सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग को सूंड में लपेट... सावन के दूसरे सोमवार पर धमतरी से बलरामपुर तक गूंजे 'हर-हर महादेव', 36 वर्षों से जारी कांवड़ यात्रा म... सावन के दूसरे सोमवार पर बैकुंठपुर के प्रेमाशंकर महादेव मंदिर में उमड़े भक्त, जानें 105 साल पुरानी यह... छत्तीसगढ़ का बड़ा कदम: सीएम विष्णुदेव साय ने असम बाढ़ पीड़ितों के लिए दिए ₹5 करोड़, हिमंत बिस्वा सरम... पातड़ां पुलिस को नशा विरोधी मुहिम में बड़ी सफलता: नया बस स्टैंड के पास 1 किलो अफीम के साथ तस्कर गिरफ... गुरदासपुर में मोटरसाइकिल चोरी का पर्दाफाश: बबरी बाईपास से चुराई बाइक के साथ आरोपी अमरजीत सिंह गिरफ्त... गुरदासपुर के वड़ैच पार्क जी.टी. रोड पर भीषण सड़क हादसा, बोलेरो पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की म... ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भीषण सड़क हादसा, बटाला के 36 वर्षीय स्नेह पाल सिंह की दर्दनाक मौत गुरदासपुर: चाचा को बचाने गए युवक पर तेजधार हथियारों से हमला, इमरजेंसी के बाहर भी चली रंजिश; पुलिस जा...
उत्तरप्रदेश

भारतीय समाज लिव इन को मान्यता नहीं देता, महिला के पास बचता है सिर्फ रिपोर्ट का विकल्प : हाईकोर्ट

प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि लिव इन रिलेशनशिप टूटने के बाद महिला का समाज में अकेले रहना कठिन है। भारतीय समाज लिव इन को मान्यता नहीं देता। लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला के पास एफआईआर दर्ज कराने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचता। लिव इन के एक मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत मंजूर कर ली है। इस मामले में पीड़िता शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं।

महिला याची के संपर्क में आई और बाद में लिव इन में रहने लगी। जब वह गर्भवती हो गई तो उसने शादी करने का दबाव बनाया, लेकिन जब आरोपी के शादी करने से इनकार कर दिया तो महिला ने उसके ऊपर रेप के आरोप में शिकायत दर्ज कराई। याची ने पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो उसके पूर्व पति को भेज दिया। इसके कारण उसने साथ रहने से इनकार कर दिया। आरोपी का कहना था कि पीड़िता बालिग है। लिव इन की सहमति थी, उसने शादी का वादा कर लिव इन रिलेशनशिप नहीं बनाई।

वह फर्जी अपराध के केस में नवंबर 22 से जेल में बंद हैं। उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। इस पर कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर कर ली है। इस मामले में बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि रिश्ते की शुरूआत शादी के वादे के साथ नहीं हुई थी। महिला बालिग थी और समझ सकती थी कि इस रिश्ते का क्या नतीजा निकलेगा। बचाव में कहा गया कि महिला की तरफ से आरोपी को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है, जिसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। ऐसे में दोनों पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी।

 

Related Articles

Back to top button