ब्रेकिंग
Nuh Police Action: शादी में हुड़दंगबाजी पड़ी भारी; थार की छत पर स्टंट करने वाले दूल्हे और 4 चालकों पर ... Rohtak Crime News: नेशनल हाइवे-9 पर कार में मिला दिल्ली पुलिस के जवान का शव; पुलिस जांच में जुटी Pepsi Sharma Passes Away: हरियाणवी गायक और कॉमेडियन पेप्सी शर्मा का 38 वर्ष की उम्र में निधन; शोक की... LNJP Hospital Controversy: नाबालिग से दुष्कर्म के समय कहां थीं नर्सें? महिला आयोग की फटकार के बाद स्... Haryana Chief Secretary Appointment: कौन बनेगा हरियाणा का अगला मुख्य सचिव? सुमिता मिश्रा और सुधीर रा... Kaithal News: कैथल में जींद रोड पर मिला व्यक्ति का शव; अधिक नशे के कारण मौत की आशंका Faridabad Crime News: नीमका जेल में बंदी की आत्महत्या; परिजनों ने जेल डिप्टी पर लगाए प्रताड़ना के गं... Haryana Food Safety: मिलावटखोरों की अब खैर नहीं; हरियाणा में खुलेंगी 8 नई फूड टेस्टिंग लैब, मोबाइल ल... Kurukshetra News: महिला आयोग चेयरपर्सन की टिप्पणी पर भड़का नर्सिंग स्टाफ; सिविल अस्पताल में किया प्रद... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल; 37 इंस्पेक्टरों का हुआ तबादला, देखें...
देश

74 वर्ष की महिला ने दिया जुड़वां बच्चों को जन्म, बना विश्व रिकॉर्ड 

गुंटूर । दुनियाभर में हमेशा कुछ न कुछ ऐसा होता रहता है, जो अद्भुत कहलाता है। ये ऐसी बातें या घटनाएं होती हैं, जिन पर हमें विश्वास नहीं होता है। लेकिन ऐसा होता है। आज हम जिस बात के बारे में बताने जा रहे हैं, वह भी कुछ ऐसी ही है। दरअसल आंध्र प्रदेश के गुंटूर शहर के अस्पताल में गुरुवार सुबह एक 74 वर्षीय महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इन व्रिटो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) प्रक्रिया के माध्यम से गर्भ धारण करने वाली मंगायम्मा ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। यह सर्वाधिक उम्र में मां बनने का विश्व रिकॉर्ड है।

इसके पहले 70 वर्षीय दलजिंदर कौर को बच्चे को जन्म देने वाली दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला माना जाता था। हरियाणा की कौर ने 2016 में एक आईवीएफ प्रक्रिया के माध्यम से एक बच्चे को जन्म दिया था।  चार डॉक्टरों की एक टीम ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व करने वाले उमाशंकर ने कहा कि मां और बच्चे दोनों स्वस्थ और ठीक हैं। नेललापतीर्पाडू की रहने वालीं मंगायम्मा शादी के 57 साल बाद भी संतानहीन थीं।

मंगायम्मा ने अपने पति वाई. राजा राव के साथ मिलकर पिछले साल के अंत में नर्सिंग होम में आईवीएफ विशेषज्ञों से संपर्क किया। इसके बाद नर्सिंग होम ने दंपति की मदद करने का फैसला किया। डॉक्टर नियमित रूप से मंगायम्मा के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए थे।  यहां तक कि नर्सिंग होम ने प्रसव से पहले दंपति के सत्कार की व्यवस्था की। राजा राव ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। हम नौ महीनों से अस्पताल में थे। आज बच्चों को देखकर हम अपने सारी परेशानियां भूल गए। अब हमें बच्चों की देखभाल करनी है।

Related Articles

Back to top button