ब्रेकिंग
दरभंगा में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार, कांग्रेस से है जुड़ा देश के लिए सिर कटा देंगे, लेकिन सत्ता के लिए समझौता नहीं करेंगे- केजरीवाल ने साधा बीजेपी पर निशाना PM मोदी पर टिप्पणी कांग्रेस-RJD की निंदनीय हरकत, राहुल गांधी माफी मांगे- भजनलाल शर्मा जम्मू में कुदरत का त्राहिमाम: बारिश से मची तबाही में 45 की मौत, उजड़े सैकड़ों आशियाने… स्कूल-कॉलेज ब... रांची: स्कूल जा रही मां-बेटी को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा, मौके पर ही दोनों की मौत दामाद को पिलाया मिर्च का पानी, कान में डाली तेल से भिगोई रूई, फिर आंखों में झोंका चिली पाउडर… जादू ट... घर में था दोष, दूर करने के लिए दादा ने की पोते की हत्या, शव के टुकड़े कर फेंके… पुलिस की पूछताछ में ... प्रयागराज होकर चलेगी देश की पहली स्लीपर वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस से इतना महंगा होगा किराया, ये ह... दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन में तकनीकी खराबी, ब्लू लाइन पर भी असर… दिखी भारी भीड़, DMRC ने दिया ये अप... मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक… पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान कितना...
विदेश

पुलवामा हमले को लेकर पाक के ब्रिगेडियर ने खोला राज, कड़वा सच भी कबूला

इस्लामाबादः पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े रहे एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुलवामा हमले को लेकर इमरान खान सरकार के खिलाफ बड़ा राज खोला है। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों की वजह से ही पुलवामा हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव को कम करने में मदद मिली थी। स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन (एसपीडी) में शस्त्र नियंत्रण और निरस्त्रीकरण मामलों के महानिदेशक ब्रिगेडियर जहीर काजमी ने कहा कि स्थिरता का वास्तविक आशय उपमहाद्वीप में क्षेत्रीय विवादों का शांतिपूर्ण हल निकाले लाने से है।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने उनके हवाले से बताया कि पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के मध्य तनाव बढ़ गया था। उन्होंने पाकिस्तान का कड़वा सच कबूल करते हुए कहा कि पुलवामा हमला आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ही किया था और जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। बता दें कि पुलवामा अटैक पहली बार भारत में इतना बड़ा आतंकी हमला था जिसमें एक साथ इतने जवान शहीद हुए थे। इस घटना के बाद पूरे देश सकते में था और हर कोई पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग करने लगा था।

अखबार के हवाले से बताया गया कि चुनाव से ठीक पहले हुए इस हमले की वजह से मोदी सरकार भी दबाव में थी और घटना से गुस्साए पीएम मोदी ने देश से वादा किया था कि आतंकियों को इस करतूत की कीमत चुकानी पड़ेगी। उनके बयान के कुछ दिन बाद ही भारतीया वायुसेना के 12 मिराज विमानों ने ‘ऑपरेशन बालाकोट’ को अंजाम दिया और वहां मौजूद आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया। इस हमले के बाद मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर भी बहुत विवाद हुआ।

एक ओर जहां भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 300 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया तो वहीं एयरफोर्स ने किसी भी संख्या पर दावा करने से इनकार कर दियाष हालांकि कहा जाता है कि हमले के वक्त वहां पर सैकड़ों की संख्या में मोबाइल फोन एक्टिव थे। वहीं मौसम खराब होने की वजह से सैटेलाइट भी ठीक से तस्वीर नहीं ले पाई थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button