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छत्तीसगढ़

निजी अस्पताल में 10 दिन से चल रहा था इलाज; 21 साल का बेटा भी संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान 66 सैंपलों की जांच की गई, लेकिन एक भी संक्रमित नहीं मिला और न ही किसी की मौत हुई है। प्रदेश में पॉजिटिविटी दर भी शून्य है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कोरोना के चलते रविवार को एक महिला की मौत हो गई।  महिला का करीब 10 दिन से शहर के ही एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसकी मौत के बाद परिजनों ने कोरबा ले जाकर अंतिम संस्कार भी कर दिया और स्वास्थ्य विभाग को पता तक नहीं चला। महिला का 21 साल का बेटा भी संक्रमित मिला है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसे आइसोलेट कर दिया है। वहीं आसपास के 25 घरों में सोमवार से कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू की गई है।

जानकारी के मुताबिक, व्यापार विहार में रहने वाली 43 साल की एक महिला को सर्दी-खांसी और बुखार था। उसका करीब 10 दिन से इलाज चल रहा था। इस बीच तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो महिला को 16 मार्च को एक प्राइवेट अस्पताल में वहां भर्ती कराया गया। संदेह होने पर डॉक्टरों ने आरटीपीसीआर जांच कराई। 17 मार्च को रिपोर्ट आई और महिला पॉजिटिव मिली, लेकिन अगले ही दिन 18 मार्च को महिला ने दम तोड़ दिया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव परिजनों को सौंप दिया।

कोरोना की एक बार फिर दस्तक ने लोगों को परेशान कर दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और सरकारी रिपोर्ट के आंकड़ों में जरूर अंतर है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान 66 सैंपलों की जांच की गई, लेकिन एक भी संक्रमित नहीं मिला और न ही किसी की मौत हुई है। प्रदेश में पॉजिटिविटी दर भी शून्य है और 25 जिलों में एक भी संक्रमित नहीं है। रविवार की रिपोर्ट में आठ एक्टिव केस बताए गए हैं, वह भी दुर्ग में दो, रायपुर में पांच और बिलासपुर में एक है।

सीएमएचओ डॉ अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि लोगों को अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों ने खुद सोच लिया है कि कोरोना खत्म हो गया है। जबकि न तो सरकार और न ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसी कोई घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि हम लगातार प्राइवेट अस्पतालों के संपर्क में हैं। टेस्टिंग सेंटर बंद नहीं किए गए हैं, लोगों को संदेह है तो जाकर जांच कराएं। डॉक्टरों से मिलें। महिला के मोहल्ले में आसपास के 25 घरों में कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू की गई है।

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