ब्रेकिंग
₹200 जुर्माने वाले मामले में 12 साल की देरी: मंडी कोर्ट ने पुलिस का चालान किया खारिज, आरोपी बरी कानपुर के नत्थापुरवा गांव में गिरा 4-सीटर ट्विन-इंजन विमान; ट्रेनर सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक की म... राहुल गांधी के दबाव में बैकफुट पर मोदी सरकार? कांग्रेस जनता के बीच ले जाएगी ये 5 बड़े मुद्दे, प्रचार... धमतरी: 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी काट रहे शशिकांत ने मांगी इच्छामृत्यु; हमले की CBI जांच और इलाज की ... उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्... झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर परीक्षा पर रोक से इनकार, सरकार से 2 हफ्... गोरखपुर में पति-पत्नी के झगड़े से 1000 घरों की बिजली गुल: गुस्से में 11 KV हाईटेंशन तार पर फेंके कपड... कोटा में फिर NEET छात्रा ने की खुदकुशी: फ्लैट में फंदे से लटकी मिली खुशबू पटेल, छतरपुर से आकर कर रही... अंकित बालियान मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सोनीपत में मिल रही थी रंगदारी व जान से मारने की धमकी, 7 मही... 'पढ़ेगा इंडिया' के दावों की खुली पोल: प्रतापगढ़ में पेड़ के तने के सहारे नाला पार करने को मजबूर मासू...
मध्यप्रदेश

नर्मदा का जलस्तर घटा, 2017 जैसे जलसंकट की आहट

धार ।  नर्मदा नदी पर गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध में मार्च में जलस्तर कम होने से अब महज 37 प्रतिशत पानी शेष रह गया है। अगर जलस्तर इसी तेजी से घटता रहा तो मध्य प्रदेश के चार जिलों की 140 किमी की परिधि के पांच लाख लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही नर्मदा नदी में रहने वाले जीव-जंतुओं पर जिंदगी जीने का संघर्ष शुरू हो जाएगा। 26 मार्च को धार जिले के कोटेश्वर तीर्थ पर नर्मदा का जलस्तर 124.45 मीटर था, जो एक मार्च को 129.52 मीटर दर्ज किया गया था। इस सत्र 2022 -23 में अगस्त में बांध 138.68 मीटर पूर्ण जल संग्रहण क्षमता तक भर गया था। अगस्त 2022 से फरवरी 2023 के मध्य छह माह में 10 मीटर जलस्तर कम हुआ तो वहीं मार्च में पांच मीटर महज 26 दिन में कम होना चिंता बढ़ा रहा है। 2017 और 2018 में जब नर्मदा का जल स्तर क्रमश: 117 और 119 मीटर तक आ गया था तब इन चार जिलों में जल संकट की स्थिति बनी थी। चिंता यही है कि अगर जल स्तर ज्यादा नीचे गया तो फिर वही स्थिति बन सकती है।

गुजरात की नहर में पानी की मात्रा में बढ़ोतरी

सरदार सरोवर बांध स्थल के सूत्रों के अनुसार, मार्च में नहरों में पानी की मात्रा बढ़ाई गई है। नहरों का पानी गुजरात और राजस्थान के अंतिम क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है और कारखानों को भी लगातार पानी दिया जा रहा है। इस कारण तेजी से बांध में जलस्तर कम हुआ है।

यह भी जानिये

40 छोटी-बड़ी पेयजल योजनाओं से पांच से छह लाख की आबादी जुड़ी हुई है।
5800 मिलियन क्यूबिक मीटर है बांध की जल संग्रहण क्षमता।
चार जिलों के 140 किमी परिधि में है जल संग्रहण क्षेत्र
मप्र में सरदार सरोवर का जल संग्रहण क्षेत्र आलीराजपुर, धार, बड़वानी व खरगोन में नदी के दोनों तटों की 140 किमी परिधि में है

Related Articles

Back to top button