ब्रेकिंग
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की लड़ाई तेज, असली संगठन बताने को लेकर आमने-सामने आए दोनों गुट LADC नीति के विरोध में गर्माया वकीलों का आंदोलन, 27 जुलाई को लुधियाना कोर्ट परिसर में 89 अधिवक्ता बै... महिला इंस्पेक्टर से दुष्कर्म के आरोपी SI साहिबमीत सिंह पर बड़ा खुलासा, दादा और पिता भी रह चुके हैं प... मानसा में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से गैंगरेप, परिजनों की शिकायत पर 5 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में 27 जुलाई को 'पंजाब बंद' का ऐलान, जालंधर में वाल्मीकि समाज का बड़ा फैसल... श्री माता वैष्णो देवी यात्रा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जयकारों के साथ भवन की ओर बढ़े भक्त पंजाब में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी, बिजली मंत्री के साथ 6 घंटे की मीटिंग रही पूरी तरह बेनतीज... मालिक की फोटो लगाकर 2.50 करोड़ की साइबर ठगी, लुधियाना पुलिस ने जोधपुर से आरोपी को किया गिरफ्तार लुधियाना के फेस-5 फोकल पॉइंट में अज्ञात युवक का शव मिलने से फैली सनसनी, मौके पर पहुंची पुलिस लुधियाना के 100 फुटी रोड पर युवक पर जानलेवा हमला, बातचीत के बहाने बुलाकर तेजधार हथियारों से किया लहू...
मध्यप्रदेश

घायलों की मदद करने वाले ग्रामीणों का पुलिस ने किया सम्मान

खरगोन। डोंगरगांव-दसंगा के बीच पुल पर 9 मई को हुए बस हादसे में 25 लोगोंं ने जान गंवाई, जबकि 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। बस गिरने के बाद क्षेत्र के करीब चार गांवों के ग्रामीणों ने प्रशासनिक मदद का इंतजार किए बगैर बचाव कार्य शुरू कर दिया था। घायलों को न केवल बस से निकाला, बल्कि अपने वाहनों से अस्पताल तक पहुंचाया। इससे कई यात्रियों को समय रहते उपचार मिलने से जान बच गई।

ग्रामीणों की इस सतर्कता, घायलों के प्रति मानवीय दृष्टि को देखते हुए सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में सम्मान समारोह आयोजित किया। यहां एसपी धर्मवीर सिंह ने शासन की गुड सेमेरिटन (नेक व्यक्ति) योजना के तहत उन्हें पुष्पमालाएं पहनाकर किए गए कार्य के लिए सराहना करते हुए प्रमाण-पत्र दिए। एसपी ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी अनजान व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले नेक इंसान (गुड सेमेरिटन) को सरकार द्वारा पांच हजार रुपये के इनाम देने की योजना है। इतना ही नहीं, उसे किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से नहीं गुजरना पड़ेगा। कानून की पेचिदगियों की चिंता किए बिना घायलों की मदद करें। इस दौरान एसडीओपी राकेश शुक्ला भी मौजूद थे।

प्रदेश स्तर तक हुई बचाव कार्य की सराहना

एसपी ने बताया कि हादसे वाले इलाकों के आसपास के गांवों के रहवासियों ने घायलों की जो मदद की, वह सराहनीय है। हादसे के एक घंटे के भीतर घायल को उपचार मिलने से जान बच जाती है और यह ग्रामीणों ने कर दिखाया। जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक बचाव कार्य की सराहना हो रही है। खून से लथपथ पड़ी लाशों, गंभीर घायलों को बिना प्रशासनिक मदद के बाहर निकाला। बस को क्रेन की मदद लिए बिना खुद सीधा कर घायलों को निकालना यह बेहद हिम्मत, हौसले वाला काम था। आप लोगों का यह बचाव कार्य अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय है। सबसे बड़ी बात यह रही कि किसी भी यात्री के आभूषण, अथवा कोई अन्य सामान चोरी नहीं हुआ, किसी की ऐसी कोई शिकायत नहीं है।

अस्पताल पहुंचाने से लेकर पीएम तक की मदद

ग्रामीण श्रीराम पाटीदार बगंवा ने बताया कि सूचना के बाद बगंवा, दसंगा, डोंगरगांव सहित आसपास के गांव से लोग जमा हुए। सभी बिना कुछ सोचे घायलों की मदद के लिए आगे आए। कोई अपने वाहन से घायलों को अस्पताल पहुंचा रहा था तो कोई बस से घायलों को निकालने में मदद कर रहा था, कोई घायलों को हिम्मत दे रहा था। हादसे में वासुदेव पटेल, उमेश मांगीलाल, गौरीदास पाटीदार, मनीष पाटीदार, श्याम गोविंद, यशवंत महेश, तरुण पाटीदार आदि ने अपने निजी वाहनों से घायलों को बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाया।

Related Articles

Back to top button