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शपथ लेते ही विवादों में घिरे HRD मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक

नई दिल्लीः मोदी मंत्रिमंडल(modi cabinet) में शामिल हुए नए मानव संसाधन विकास मंत्री(HRD minister) रमेश पोखरियाल निशंक(ramesh pokhiriyal nishankh) का भी डिग्री विवाद से पीछा नहीं छूट रहा है। लगता है कि इस मंत्रालय में आए मंत्री(minister) का विवादों से चौली-दामन का साथ हो। दरअसल उन्होंने डॉक्टर की उपाधी श्रीलंका(shrilanka) के जिस विश्वविधालय से लिया था वह संस्थान पंजीकृत ही नहीं है।

नए मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल को कोलंबो(colombo) की ओपेन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से 1990 में डी लिट (Doctor of Literature) की डिग्री(degree) मिली थी। फिर कुछ दिनों के बाद इसी यूनिवर्सिटी(university) ने विज्ञान(science) में योगदान के लिए उन्हें डिग्री दिया था। अब पता चला है कि यह यूनिवर्सिटी श्रीलंका में पंजीकृत ही नहीं है। जिससे विवाद बढ़ गया है। फिर से विपक्ष(opposition) को मोदी सरकार(modi government) के नए मंत्री के डिग्री पर विवाद  उठाने का मौका मिल गया है। वहीं दूसरी तरफ उनके दो जन्म तिथि(date of birth) को लेकर भी विवाद उठ गया है।  एक जगह 15 अगस्त 1959 बताया गया तो वहीं पासपोर्ट में 15 जुलाई 1959 दर्ज है।

इससे पहले पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी(smriti irani) के भी डिग्री विवाद पर सवाल उठा था जब 2004 में आर्ट डिग्री से स्नातक बताया तो 2014 में कॉमर्स से बताया। उस समय कांग्रेस(congress) ने ईरानी के विवाद को जोरदार ढंग से उठाया था। जिससे मोदी सरकार(modi government) बैक फुट पर आ गई थी। बाद में ईरानी(irani) को मानव संसाधन से हटाकर कपड़ा मंत्रालय(textile minister) दे दिया गया था। तब जाकर विवाद थमा। एक बार फिर निशंक के डिग्री विवाद से मृतप्राय विपक्ष को मुद्दा मिल गया है। जिससे विपक्ष मोदी सरकार(modi government) को घेरने में नए सिरे से जुट सकती है।

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