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छोटे मवेशियो की मौत का मामला, व्यापारियों ने प्रशासन पर फोड़ा ठिकरा

कठुआ,  (गुरप्रीत) : कश्मीर घाटी में दुधारू मवेशियों को ले जाने की अनुमति देने में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा की गई अन्यास देरी का खामियाजा मासूम जानवरों को भुगतना पड़ा है। भीषण गर्मी से लगातार एक ही जगह पर बंधे रहने से कई छोटे मवेशियों की गत रात को मौत हो गई। रियासत के प्रवेशद्वार पर पशु पालन विभाग की रैंडर चेक पोस्ट पर गत रात को छोटे मवेशियों की गर्मी के कारण हुई मौत का ठिकरा व्यापारियों ने भी पुलिस व प्रशासन पर फोड़ा है। अपने मासूम मवेशियों की मौत से गुस्साए व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि पिछले करीब एक सप्ताह से भी ज्यादा समय से उन्हें मवेशी ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है जिसके चलते वे पशु पालन विभाग इस पोस्ट पर डेरा जमाने को मजबूर हो गए हैं। भीषण गर्मी के कारण छोटे मवेशियों को भी परेशानियां आ रही हैं।

व्यापारियों ने कहा कि इस पोस्ट पर मवेशियों के साथ वे वाहनों पर आते हैं जबकि यहां से मेडिकल फिटनेस डाक्टरों की टीम जांच के बाद दे देती है जबकि बाकी की अनुमति जिला पुलिस व स्थानीय प्रशासन की ओर से दी जानी होती है लेकिन हैरानगी है कि मेडिकल जांच पूरी होने के बाद भी पुलिस व प्रशासन द्वारा उन्हें अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि इस पोस्ट पर तो अपने स्तर पर विभाग ने इंतजाम कर रखे हैं लेकिन अनुमति न दिए जाने के कारण एकदम से ही यहां वाहन ज्यादा आ गए जिससे परेशानियां बढ़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुमति न मिलने के कारण उन्हें कई कई दिनों तक यहां रुकना पड़ रहा है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। उनके व्यापारी तो भूखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। एक-एक दुधारू गाय की कीमत पचास हजार से लेकर डेढ लाख की है और अगर यहां गर्मी में उनका और ज्यादा नुकसान होता है तो इसकी भरपाई कौन करेगा। उन्होंने रियासत के राज्यपाल से मांग करते हुए कहा कि मवेशियों की मेडिकल जांच के बाद उन्हें तत्काल अनुमति दे देनी चाहिए। वहीं, इस संबंध में जब ए.डी.सी. कठुआ घनिश्याम सिंह से बात करने का प्रयास किया जो उन्होंने मोबाइल काल को बार बार करने पर भी रिसीव नहीं किया।

रात को आनन फानन में प्रशासन ने दी अनुमति 
कठुआ : गत देर रात को छोटे मवेशियों की मौत मामले के बाद स्थानीय लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन किया था। लोगों ने आरोप लगाया था कि प्रशासन अनुमति देने में देरी कर रहा है जिसके चलते इतनी संख्या में मवेशी यहां जमा हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने अनुमति देकर मवेशियों को यहां से नहीं भेजा जो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। वहीं, विरोध प्रदर्शन के बाद आधी रात को उपजे माहौल को देखते हुए आनन फानन में ए.डी.सी. घनिश्याम सिंह, डी.एस.पी. के.डी. भगत, थाना प्रभारी लखनपुर राजेश शर्मा ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों एवं स्टाफ से बात करने के बाद अनुमतियां जारी की। जिसके बाद ट्रकोंं में मवेशी लाद कर भेजे गए। बताया जा रहा है कि पच्चीस से ज्यादा वाहनों को देर रात को ही मंजूरी दी गई थी।

स्थिति का जायजा लेने पहुंचे जम्मू निदेशक कार्यालय से अधिकारी
कठुआ : गत रात को छोटे मवेशियो की मौत के बाद उपजे विवाद के बीच स्थिति का जायजा लेने के लिए जम्मू निदेशालय के आदेशों पर रैंडर पेस्ट चेक कंट्रोलर डॉ राजेश कपूर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों की मतगणना के चलते पुलिस व प्रशासन की व्यस्तता ज्यादा रही। जिसके बाद पुलिस व प्रशासन की ओर से दी जाने वाली अनुमतियों में देरी हुई। बाद में रात को अनुमति के बाद ट्रकों से मवेशी भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि यहां मवेशियों के लिए शेड, टैंट आदि की व्यवस्था है, पानी के भी इंतजाम किए गए हैं। गर्मी ज्यादा होने के कारण छोटे मवेशी मरे हैं। बहरहाल एक अन्य डाक्टर को निदेशालय की ओर से तैनात किया गया है। पुलिस व प्रशासन की अनुमतियां मिलने के बाद ही व्यापारी यहां से मवेशी ले जा सकेंगे।

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