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मध्यप्रदेश

खंडवा में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से बिगड़ा बोवनी का चक्र

खंडवा। खंडवा जिले में पिछले वर्ष की तुलना में आधी वर्षा भी अब तक नहीं हुई है। ऐसे में बोवनी का कार्य भी पिछड़ गया है। जिले की औसत वर्षा 808 मिमी.है। इसकी तुलना में अभी तक मात्र 130 मिमी औसत वर्षा हुई है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक 301 मिमी. हो गई थी। दो दिनों से मानसून जिले में मेहरबान होने से किसान बोवनी सहित अन्य कृषि कार्य में जुटे है। कही किसान बोवनी में तो कहीं पूर्व में बोई गई फसलों पर दवाई छिटने का कार्य चल रहा है।

15 जुलाई तक ही चलती है खरीफ की बोवन

मानसून में विलंब से बोवनी का काम पिछड़ रहा है। एक जून से 22 जून तक महज 130 मिमी औसत वर्षा हुई। जबकि पिछले साल इसी अवधि में 301 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। मानसून की देरी से बोवनी सहित आमजन जीवन भी प्रभावित हो रहा है। वैसे खरीफ की बोवनी 15 जून से 15 जुलाई तक चलती है। इस सीजन में सबसे कम वर्षा 55 मिमी पुनासा तहसील तथा सबसे अधिक 297 मिमी वर्षा नया हरसूद में दर्ज हुई है।

खंडवा में इस बार मानसून समय पर नहीं हुआ  सक्रिय

मानसून इस साल तय समय से देरी से पहुंच रहा है। पिछले साल 20 जून तक वर्षा की शुरूआत हो चुकी थी। जबकि इस बार जिले में अभी तक पूरी तरह से मानसून सक्रिय नहीं हो सका है। दक्षिण.पश्चिमी मानसून आगे तो बढ़ा है लेकिन जिले सक्रिय नहीं हुआ। दो से दिनों से पानी बरस रहा है। एक साथ सक्रिय होने के बजाय कही तेज तो कहीं रिमझिम बरसात हो रही है।

खंडवा सहित आसपास हुई बरसात

मौसम विभाग द्वारा एक-दो दिन में निमाड़ क्षेत्र में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं सोमवार से आसमान पर घनघोर बादल छाने के बाद भी दो दिनों से खंडवा तहसील में वर्षा जोर नहीं दिखा पा रही है। आषाढ़ लगभग सूखा जाने के बाद अब सावन के सेर बरस रहे है। इसस मौसम मे हल्की ठंड महसूस होने लगी है।

खंडवा जिले में 130 मिली मीटर बारिश दर्ज

मंगलवार दोपहर तक खंडवा तहसील में 76 मिमी बारिश दर्ज हुई है। वहीं पंधाना में 68 मिमी बारिश दर्ज की गई। नया हरसूद 297 मिमी, पुनासा 55 मिमी, व खालवा 154 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई है। जिले में अब तक हरसूद और खालवा तहसील में वर्षा पर्याप्त होने से इन क्षेत्रों में बोवनी की स्थिति भी अन्य तहसीलों की तुलना में ठीक है।

निमाड़ में खंडवा पिछड़ा

खरीफ फसल की बोवनी में निमाड़ के चार जिले खंडवा, खरगोन, बड़वानी और बुरहानपुर में सबसे कम बोवनी खंडवा जिले में हुई है। कृषि विभाग के अनुसार मंगलवार तक लक्ष्य की तुलना में खरगोन जिले में 82.57 प्रतिशत, बड़वानी70.19 प्रतिशत, बुरहानपुर 71.18 प्रतिशत तथा खंडवा जिले में सबसे कम 54.62 प्रतिशत बोवनी हुई है।

जिले में मानसून खंड-खंड में सक्रिय है। 14 जुलाई तक अच्छी वर्षा की संभावना है। कुछ गांवों में कम वर्षा होने से किसान बोवनी में पिछडे है। वैसे 15 जुलाई तक बोवनी सभी दूर हो जाएगी। बारिश का सिस्टम पूरी तरह से सक्रिय नहीं होने से जुलाई में जहां औसत 300 मिमी बारिश होना चाहिए वहां मात्र 130 मिमी ही हुई है। जून में 100 मिमी की तुलना में मात्र 30 मिमी बर्षा दर्ज हुई। जिन किसानों के खेत में छह इंच तक नमी हो वे बोवनी कर सकते है। – सौरभ गुप्ता, मौसम विशेषज्ञ

जिले में अभी 60 से 65 प्रतिशत बोवनी हो चुकी हैं। मानसून में विलंब से बोवनी की रफ्तार और प्रतिशत दोनो प्रभावित हुए है। पुनासा में नहर की वजह से गर्मी का कपास किसान जल्द लगाने से वहां फसल ठीक है। किसानों को कम से कम तीन इंच 75मिमी औसत वर्षा के बाद ही बोवनी करना चाहिए। जिले में 15 जून से 15 जुलाई तक बोवनी का समय है।कैलाश वास्केल, उपसंचालक कृषि खंडवा

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