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मध्यप्रदेश

राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेसी मौन सत्याग्रह पर बैठे

भोपाल। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में संसद की सदस्‍यता से अयोग्‍य ठहराए जाने को लेकर कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन कर रही है। इसी सिलसिले में राहुल गांधी के प्रति समर्थन जताने के लिए कांग्रेस ने बुधवार को मौन सत्‍याग्रह का आयोजन किया। राजधानी भोपाल में पीसीसी मुख्‍यालय पर पार्टी के प्रदेशाध्‍यक्ष कमल नाथ की अगुआई में मौन सत्‍याग्रह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव जेपी अग्रवाल भी मुख्य रूप से उपस्थित हुए। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, राज्यसभा सदस्य राजमणि पटेल, जेपी धनोपिया, विद्याराम वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप मोनू सक्सेना, श्रमिक नेता दीपक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौन सत्याग्रह पर बैठे। दोपहर दो बजे तक कांग्रेसी मौन सत्याग्रह पर बैठे रहे। कांग्रेसियों के पीछे मौन सत्याग्रह का बैनर लगा हुआ था। इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का चित्र छपा था, जिसमें वो मौन हैं और उनकी आंखें बंद हैं। बैनर पर लिखा था कि डेमोक्रेसी डिसक्वालिफाइड। कमल नाथ की अगुआई में कांग्रेसियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।

मौन सत्‍याग्रह शुरू करने से पूर्व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रदीप मोनू सक्सेना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म की गई। यह लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा नहीं चाहती कि विपक्ष रहे। वह एक तरफ राज करके देश पर कब्जा करना चाहती है। इसके अलावा भाजपा महंगाई को काबू करने में भी नाकाम साबित हो रही है। राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार और केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार आम जनता को भूल गई हैं। सिर्फ दिखावा कर रही है। 2018 में कांग्रेस सरकार बनी। कमल नाथ मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 15 महीने की सरकार में काम करके दिखाया। शासकीय योजनाओं का लाभ आम जनता को मिला। लेकिन भाजपा को कांग्रेस की सरकार रास नहीं आई। विधायकों को खरीद कर कांग्रेस की सरकार गिरा दी। अब जनता सब समझ चुकी है। इस वर्ष नवंबर में होने वाले चुनाव में भाजपा हार रही है, इसलिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म कराई गई है।

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