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मध्यप्रदेश

दलालों से परेशान युवक ने थाने के सामने लगाई आग गंभीर हालत में भोपाल रेफर

सागर। दलालों की धमकी से परेशान एक युवक के थाने के सामने आग लगाने का मामला सामने आया है। युवक की बाइक चोरी हो गई थी, जिसकी शिकायत उसने की थी। बाइक बरामद होने जाने पर उसने कुछ लोगों से छुड़वाने का तरीका पूछा। वकील ने 4 हजार रुपए में बाइक दिलवाने की बात कही। युवक रुपए का इंतजाम नहीं कर पा रहा था, इसलिए उसे लगातार धमकी दी जा रही थी।

मकरोनिया के रजाखेड़ी निवासी वीरेंद्र अहिरवार (40) पिता बाबूलाल ने पुलिस को बताया कि वह बैल्डिंग का काम करता है। साल 2013 में उसकी बाइक चोरी हुई थी, जिसकी शिकायत उसने सिविल लाइन थाना में दर्ज कराई थी। पुलिस ने बाइक को कुछ समय बाद बरामद भी कर लिया। वीरेंद्र ने पड़ोसी प्यारेलाल अहिरवार से थाने में जब्त बाइक को छुड़ाने की तरकीब पूछी।

वीरेंद्र रुपए का नहीं कर पा रहा था इंतजाम

प्यारेलाल ने उसे मकरोनिया के ही जित्तू श्रीवास्तव नाम के वकील से मिलवाया। जित्तू ने वीरेंद्र से कहा कि उसकी गाड़ी छुड़ाने के लिए 4 हजार रुपए लगेंगे। वीरेंद्र को एफएसएल में काम करने वाला श्याम अहिरवार और शमीम काजी मिले, जो उसे थाने से गाड़ी न छुड़ाने पर उल्टे उसे केस में फंसाने की धमकी देने लगे। वीरेंद्र इतने पैसों की व्यवस्था नहीं कर पा रहा था।

17 जुलाई की रात करीब 12 बजे वह विवि रोड पर पेट्रोल पंप के सामने गया और डर के मारे खुद पर पेट्रोल डाल कर आग लगा ली। उसके बाद सिविल लाइन थाना की ओर दौड़ लगा दी। आग की लपटों से घिरा वीरेंद्र थाना परिसर पहुंचा, वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने आग को बुझाया। पुलिसकर्मी उसे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां से भोपाल रेफर कर दिया है।

इनके खिलाफ शुरू हुई जांच

वीरेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने प्यारेलाल अहिरवार, श्याम अहिरवार, जित्तू वकील और शमीम काजी के खिलाफ मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है।

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