ब्रेकिंग
रायपुर IGKV में तीसरा पेपर भी लीक: 'फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स' परीक्षा पर बवाल, यूनिवर्सिटी ने पुलिस ... सेक्स वर्कर होने के आधार पर नहीं चल सकता आपराधिक केस: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रद्द की FIR और चार्जशीट,... बापटला बीच पर मिला शिवलिंग पीठम और मूर्तियां; लहरों के साथ बहीं या जमीन से निकलीं? जांच में जुटा प्र... रीलबाजी की सनक पड़ी भारी: ग्वालियर में 3400 किस वाली कार का कटा चालान, मालिक से मौके पर साफ करवाए लि... वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी का बयान: 'संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग से होती है', बीजेपी-कांग्रेस म... दिल्ली में ₹35 प्रति किलो बिकेगा प्याज: केंद्र सरकार ने चलाया 'कांदा एक्सप्रेस', NAFED और NCCF स्टोर... इस्लामाबाद के PIMS अस्पताल में भीषण आग: AC कंप्रेसर फटने से 15 नवजात बच्चों की जिंदा जलकर मौत, PM शह... दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार
राजस्थान

डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड़ा हादसा

डूंगरपुर (राजस्थान): जिले के दोवड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सत्तु देवकी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (अपर प्राइमरी स्कूल) में जर्जर भवन का एक हिस्सा ढहने की गंभीर घटना सामने आई है।

हादसे के वक्त स्कूल में सामान्य रूप से कक्षाएं संचालित हो रही थीं और करीब 120 छात्र-छात्राएं अपनी कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। गनीमत यह रही कि संबंधित कमरा अत्यधिक जर्जर होने के कारण पिछले एक साल से बंद रखा गया था और उसमें बच्चों को नहीं बैठाया जाता था, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया।

💥 तेज धमाके के साथ ढही छत, दहशत में कमरों से बाहर निकले छात्र व शिक्षक

घटनाक्रम का विवरण:

  • कक्षा संचालन के दौरान हादसा: रोजाना की तरह सभी शिक्षक बच्चों को कक्षाओं में पढ़ा रहे थे, तभी बंद पड़े जर्जर कमरे की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई।

  • मची अफरा-तफरी: तेज आवाज और कंपन होते ही छात्र और शिक्षक घबराकर तुरंत कमरों से बाहर सुरक्षित खुले मैदान की ओर भागे।

  • समय पर लिया गया फैसला बना ढाल: स्कूल प्रशासन द्वारा जर्जर कमरों को पहले ही असुरक्षित घोषित कर बंद रखने के फैसले की वजह से कोई भी बच्चा या स्टाफ मलबे की चपेट में नहीं आया।

🚨 PEE-O और CBEO ने किया घटनास्थल का मुआयना

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और निरीक्षण:

  • अधिकारियों को सूचना: घटना के तुरंत बाद विद्यालय स्टाफ ने पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (PEEO) पंकज वर्मा को सूचना दी।

  • मौके पर पहुंचे अधिकारी: सूचना मिलते ही पीईईओ पंकज वर्मा और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) दीपक शाह तुरंत विद्यालय पहुंचे और गिरे हुए मलबे व बाकी कमरों की स्थिति का जायजा लिया।

  • असुरक्षित कमरे: स्कूल प्रबंधन ने अधिकारियों को बताया कि विद्यालय में कुल 10 कमरों में से 2 कमरे काफी समय से जर्जर स्थिति में हैं, जिन्हें पूरी तरह से उपयोग से बाहर कर दिया गया था।

🏗️ नई छत निर्माण के लिए भेजा गया प्रस्ताव: सीबीईओ

मरम्मत और भविष्य की कार्ययोजना:

  • एक और कमरा जर्जर: सीबीईओ दीपक शाह ने बताया कि परिसर में एक अन्य कमरे की छत भी काफी कमजोर और जर्जर हालत में है।

  • प्रस्ताव प्रेषित: दोनों जर्जर कमरों की पुरानी छतें हटाकर नई छत डालने के लिए विभाग को आवश्यक बजट और निर्माण का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

  • जल्द मरम्मत का आश्वासन: प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलते ही कमरों के जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से शुरू करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षा-कक्ष सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो सकें।

Related Articles

Back to top button