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जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन अल्फा का सोशल मीडिया दबाव

नई दिल्ली: देशभर के सरकारी स्कूलों में जर्जर भवनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति और सामाजिक विमर्श के केंद्र में है।

हाल के दिनों में ‘जेन अल्फा’ (Gen Alpha) यानी स्कूली बच्चों के विरोध प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर जर्जर कक्षाओं के वीडियो वायरल होने के बाद सरकारों ने त्वरित कदम उठाए हैं। इसी क्रम में राजस्थान सरकार ने स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए ₹12,500 करोड़ का विस्तृत रोडमैप पेश किया है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी ₹604 करोड़ की कायाकल्प योजना को मंजूरी दी है।

📊 राजस्थान सरकार का ₹12,500 करोड़ का मेगा प्लान: 611 स्कूलों के पास नहीं है भवन

राजस्थान की कार्ययोजना और जमीनी स्थिति:

  • भारी-भरकम बजट: राजस्थान सरकार ने स्कूल भवनों के निर्माण, अतिरिक्त कमरों, मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए ₹12,500 करोड़ का रोडमैप तैयार किया है।

  • बिना भवन वाले स्कूल: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 611 स्कूल ऐसे हैं जो बिना अपने स्थायी भवन के संचालित हो रहे हैं।

  • बुनियादी सुविधाओं की कमी: 64 हजार से अधिक स्कूलों के पास भवन तो हैं, लेकिन उनमें से हजारों में सुरक्षित कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

🏗️ उत्तर प्रदेश में 3,126 स्कूलों का कायाकल्प: ₹302 करोड़ की पहली किस्त जारी

यूपी में बुनियादी ढांचे का विस्तार:

  • पुनर्निर्माण योजना: उत्तर प्रदेश सरकार ने 3,126 जर्जर और पुराने स्कूलों के पुनर्निर्माण और कायाकल्प के लिए ₹604 करोड़ की रूपरेखा बनाई है।

  • जर्जर भवनों का खात्मा: खतरनाक घोषित भवनों को गिराकर नई इमारतें बनाई जाएंगी, जिसके लिए ₹302 करोड़ की पहली वित्तीय किस्त पहले ही जारी कर दी गई है।

📱 जेन अल्फा और सोशल मीडिया की ताकत: फाइलों से निकलकर राष्ट्रीय मुद्दा बनी बदहाली

नई पीढ़ी का प्रभाव और सरकारों पर दबाव:

  • जेन अल्फा का डिजिटल दौर: वर्ष 2010 के बाद जन्मी इस पीढ़ी का बचपन स्मार्टफोन और इंटरनेट के साए में बीता है। कक्षा की टूटी छत, गंदा शौचालय या जर्जर बेंच अब सिर्फ स्थानीय शिकायत नहीं, बल्कि एक रील या वीडियो के जरिए राष्ट्रीय बहस बन रही है।

  • वायरल वीडियो का असर: राजस्थान में औचक निरीक्षणों और यूपी के देवरिया में स्कूल की बदहाली उजागर करने के मामलों ने प्रशासन पर जवाबदेही तय करने का गहरा दबाव बनाया है।

🏢 दिल्ली में भी एक्शन: 34 सरकारी स्कूल इमारतों को किया गया चिन्हित

दिल्ली सरकार की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट:

  • ढांचागत ऑडिट: राजधानी दिल्ली में शिक्षा विभाग द्वारा कराए गए व्यापक संरचनात्मक ऑडिट के बाद 34 सरकारी स्कूलों की असुरक्षित इमारतों को ध्वस्त करने के लिए चिन्हित किया गया है।

  • मरम्मत या नवनिर्माण: कई अन्य भवनों का तकनीकी आकलन जारी है कि उनका नवीनीकरण किया जाए या उनकी जगह आधुनिक बहुमंजिला भवन खड़े किए जाएं।

🗳️ क्या सरकारें बैकफुट पर हैं? भविष्य के राजनीतिक समीकरण और जवाबदेही

राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव:

  • बढ़ती जवाबदेही: सोशल मीडिया ने शासन तंत्र में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई की बाध्यता ला दी है, जिसे केवल बैकफुट पर आना नहीं बल्कि प्रत्यक्ष जवाबदेही माना जा रहा है।

  • अभिभावकों पर प्रभाव: हालांकि जेन अल्फा वर्तमान में सीधे मतदाता नहीं हैं, लेकिन स्कूलों की बदहाली उनके माता-पिता और शिक्षकों के जरिए चुनावी माहौल को सीधे प्रभावित करने की क्षमता रखती है।

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