Tiger Shroff Attack Case Update: टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश का बड़ा खुलासा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर अमृतसर से भेजे गए थे हथियार

बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में रोज नए-नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. अब पुलिस जाँच में मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुख्य आरोपी कुणाल की मुलाकात अनिल पंडित से हुई थी, और इसी अनिल पंडित ने कथित तौर पर खुद को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी बताया था. अनिल पंडित के ही कथित निर्देशों पर कुणाल ने अमृतसर से मुंबई तक अवैध हथियार और कारतूस पहुँचाने का पूरा जाल बुना था. इस खतरनाक काम में सुमित भी उसके साथ शामिल था, और मुंबई तक हथियारों की यह खेप सुरक्षित पहुँचाने के लिए दो महिलाओं की मदद ली गई थी.
🧳 राधा और बबीता ने ट्रेन से पहुँचाए थे हथियार, कूरियर के रूप में मिली थी 70 से 80 हजार रुपये की रकम
जाँच में सामने आया है कि आरोपी कुणाल ने राधा और उसकी सहयोगी बबीता को हथियार और कारतूस मुंबई पहुँचाने के लिए अपने इस अवैध नेटवर्क में शामिल किया था. शुरुआती जानकारी के अनुसार, हथियारों की आवाजाही का पूरा इंतजाम करने के बदले कुणाल को कथित तौर पर 70 से 80 हजार रुपये मिले थे, जिसमें से करीब 10 से 12 हजार रुपये हथियार पहुँचाने वाले इन ‘कूरियर’ (महिलाओं) को दिए जाने की बात सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुणाल की मुलाकात एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से हुई थी और बाद में वे एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए बातचीत करने लगे थे. अनिल के कहने पर ही कुणाल ने अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस मंगाकर राधा को दिए थे.
🚆 15 अक्टूबर को नई दिल्ली स्टेशन से रवाना हुई थीं महिलाएं, 20 अक्टूबर को पुलिस के हत्थे चढ़े चारों आरोपी
कुणाल ने योजना के तहत 15 अक्टूबर को राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुँचाया था और उन्हें पिस्टल के साथ ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना किया था. सफर के दौरान वह लगातार दोनों महिलाओं के संपर्क में रहकर अनिल पंडित के निर्देश उन तक पहुँचा रहा था. 17 अक्टूबर को राधा और बबीता मुंबई के दादर स्टेशन पर उतरीं और एक होटल में रुकीं, जहाँ से एक अज्ञात युवक राधा से पिस्टल वाला बैग लेकर फरार हो गया. इसके बाद 18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर हमला हुआ, और उसी दिन ये दोनों महिलाएं दादर-हरिद्वार एक्सप्रेस से वापस दिल्ली के लिए निकल गईं. हालांकि, मुस्तैदी दिखाते हुए 20 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से धर दबोचा, जबकि कुणाल और सुमित को सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया गया.





