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हैदराबाद इनकाउंटर के तर्ज पर इंसाफ की मांग, रांची के बचरा में दो बच्चियों की हत्या के बाद आगजनी-लाठीचार्ज

रांची/पिपरवार। चतरा जिले के पिपरवार स्थित बचरा से बुधवार को लापता हुए तीन बच्चों में दस वर्ष की दो बच्चियों की हत्या कर दी गई। परिजनों और ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि हत्या से पहले दुष्कर्म भी किया गया है। बचरा के किरीगड़ा जंगल से एक बच्ची की लाश बरामद की गई, जबकि दूसरी बच्ची और एक आठ वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले, जिन्हें रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेजा गया। रिम्स में दूसरी बच्ची को भी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हैवानियत के साथ हत्या की घटना के बाद गुरुवार की दोपहर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।

ग्रामीणों ने पिपरवार थाने का घेराव कर जमकर बवाल काटा। पुलिस पर पथराव किया। थाने में भी पत्थर फेंके गए। भीड़ का उपद्रव देख पुलिस को तीन बार लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि, उग्र भीड़ पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। दोपहर तीन बजे के बाद से ही ग्रामीण लगातार हंगामा करते रहे। बचरा बाजार की दुकानें बंद करा दी गईं। देर रात तक लोगों की भीड़ जमी थी। मामले में पुलिस ने तीनों बच्चों को अपहरण करने के मुख्य आरोपित सोनू मोची को गिरफ्तार कर लिया है। वह बच्चों का परिचित है।

खून से लथपथ पड़े मिले थे बच्चे

जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम को तीन बच्चे लापता हो गए थे। इनमें करीब दस वर्ष की दो बच्चियां और एक आठ वर्ष का बच्चा शामिल हंै। तीनों बचरा टीएच कालोनी के पास स्थित जंगल में लकड़ी चुनने गए थे। वहीं से तीनों का अपहरण कर लिया गया था। गुरुवार की सुबह करीब सात बजे किरीगड़ा जंगल में पहले आठ वर्षीय बच्चा खून से लथपथ मिला। इसके बाद पुलिस और बच्चियों के परिजन तलाश करते हुए आगे बढ़े। उसी दौरान जंगल से ही दोपहर करीब तीन बजे दोनों बच्चियां गंभीर रूप से जख्मी हालत में पड़ी मिलीं। इसके बाद सभी को बचरा अस्पताल ले जाया गया। वहां एक बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि एक बच्ची और आठ वर्षीय बच्चे को रिम्स रेफर कर दिया गया। रिम्स पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्ची को भी मृत घोषित कर दिया।

बच्चे पर अचानक किया हमला, गले में रस्सी बांध घसीटा

हमले से घायल आठ वर्षीय बच्चे ने पुलिस को बताया है कि उसे और दोनों बच्चियों को लेकर सोनू मोची गया था। वह पूर्व परिचित होने की वजह से बहला-फुसलाकर ले गया। किरीगड़ा जंगल में घुसने के बाद बच्चे पर अचानक हमला कर दिया गया। उसे मरा हुआ समझकर गले में एक रस्सी बांधी और एक नाले के किनारे छोड़ गए। इसके बाद दोनों बच्चियों को वहां से जंगल की ओर ले गए। बुधवार की देर शाम तक नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश की। गुरुवार की सुबह पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के साथ ढूंढने के दौरान जंगल में बच्चों की साइकिल और चुना हुआ लकड़ी बरामद किया गया। कुछ दूर आगे बढऩे पर बच्चा घायल अवस्था में मिला। बच्चे द्वारा पहचान करने पर ही आरोपितों को पकड़ा गया है।

उग्र भीड़ की मांग, हैदराबाद की तरह एनकाउंटर करें या हमें सौंप दें

बच्चियों की हत्या के मामले में पिपरवार पुलिस ने एक गिरफ्तारी सहित छह को हिरासत में लिया है। ग्रामीण उन्हें हैदराबाद की तर्ज पर एनकाउंटर करने या अपने हवाले करने की मांग पर अड़े थे। आक्रोशित ग्रामीण पहले थाना घेरकर हंगामा कर रहे थे। बाद में थाना में घुस गए और जमकर बवाल काटा। बाद में बैकअप के तौर पर आइटीबीपी के जवानों को बुलाया गया।

अतिरिक्त बल पहुंचने और तीसरी बार की लाठीचार्ज के बाद भीड़-तितर बितर हुई। लेकिन 25 मीटर की दूरी पर पुलिस और आक्रोशित भीड़ आमने-सामने थी। टायर जलाकर लोग प्रदर्शन करते रहे। टंडवा बीडीओ अनूप कुमार कच्छप, एसडीपीओ आशुतोष कुमार सत्यम, थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी ग्रामीणों को समझाने में जुटे थे। एसडीपीओ ने दो दिनों का समय मांगा, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे।

हत्या से पहले प्रथम दृष्टया बच्चियों से यौन उत्पीडऩ किया गया है। बच्चियों को ले जाने वाले एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया लिया गया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। अखिलेश बी वारियर, एसपी चतरा।

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