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नागरिकता बिल पर बवाल के बीच गुवाहाटी में कर्फ्यू में ढील, इंटरनेट अब भी बंद

गुवाहाटी: गुवाहाटी: गुवाहाटी में नागरिकता (संशोधन) विधेयक (कैब) के खिलाफ प्रदर्शनों के मद्देनजर लगाए गए कफ्र्यू में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ढील दी गई है। जबकि मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सेवा अभी भी बंद है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद गुरुवार शाम से ही इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी।
पुलिस ने यह जानकारी दी।

दिसपुर, उजान बाजार, चांदमारी, सिलपुखुरी और जू रोड सहित कई स्थानों पर दुकानों के बाहर लंबी कतारें नजर आईं। ऑटो-रिक्शा और साइकिल-रिक्शा सड़कों पर नजर आएं लेकिन बसें अब भी नदारत रहीं। शहर में पेट्रोल पंप भी खोल दिए गए हैं, जहां वाहनों की लंबी कतारें दिखीं। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कफ्र्यू में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ढील दी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस लोगों को इस ढील की जानकारी देने के लिए लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, स्कूल और कार्यालय अब भी बंद हैं। नागरिकता (संशोधन) विधेयक के संसद में पारित होने के खिलाफ यहां विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अधिकारियों ने कफ्र्यू लगा दिया था।

नागरिकता (संशोधन) कानून: पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन जारी
पश्चिम बंगाल में नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ शनिवार को जारी प्रदर्शन के तहत प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़कें एवं रेल मार्ग बाधित रखे। पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद और उत्तरी 24 परगना जिलों और हावड़ा (ग्रामीण) से हिंसा की खबरें मिली हैं। उन्होंने बताया कि मुर्शिदाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 और जिले की गई अन्य सड़कों को बाधित कर दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग 34 उत्तरी और दक्षिणी बंगाल को जोडऩे वाला एक प्रमुख मार्ग है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा जिले के दोम्जुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग छह भी बाधित कर दिया। उन्होंने पहियों में आग लगा दी और कई वाहनों में तोड़ फोड़ की। पुलिस ने बताया कि पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को स्थिति नियंत्रित करने के लिए मौके पर भेजा गया है। पूर्वी रेलवे के सियालदह-हसनाबाद के बीच रेल सेवाएं भी बाधित हैं। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनकारी सुबह छह बजकर 25 मिनट से शोंडालिया और काकड़ा मिर्जापुर स्टेशनों पर पटरी पर धरना दे रहे हैं।

गुरुवार को हिंसा के केंद्र रहे गुवाहाटी में शुक्रवार को कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और कुछ अन्य संगठनों के आह्वान पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए। असम के कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा हवा में गोली चलाने की भी खबर है। पूर्वोत्तर के राज्यों में सामान्य जनजीवन पटरी पर लौट रहा है लेकिन पश्चिम बंगाल में हावड़ा, बीरभूम, बर्दवान और उत्तरी बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाकों में इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बेलडांगा स्टेशन पर आगजनी की घटना के बाद आरपीएफ के अधिकारी ने बताया, ‘स्टेशन के हिस्से, आरपीएफ की चौकियों और पटरियों को आग के हवाले कर दिया गया जिसकी वजह से यहां रेल सेवा बाधित हुई।’

अधिकारियों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा पुलिस थाने में तोडफ़ोड़ की और मुशदाबाद के रघुनाथगंज पुलिस थाना क्षेत्र में वाहनों में आग लगा दी। अतिरिक्त पुलिस जवानों को प्रभावित इलाके में भेजा गया है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति की अपील की है। पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में प्रदर्शन के चलते रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ। असम में ऊपरी तौर पर शांति रही लेकिन संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ गुस्सा बरकरार है। उग्रवादी संगठन उल्फा के दोनों धड़ों (सरकार से बातचीत के समर्थक और विरोधी) ने कानून का विरोध किया है। सरकार से वार्ता के विरोधी उल्फा गुट के नेता परेश बरुआ ने म्यांमार के सुरक्षित पनाहगाह से टीवी चैनल के जरिये कहा, ‘छात्र, केएमएसएस और समाज के सभी लोग बड़ी संख्या में बाहर आए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया लेकिन प्रशासन की ओर से बल प्रयोग किया गया।’

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