ब्रेकिंग
छतरपुर: उद्घाटन से पहले ही केन नदी पर बने पुल में पड़ी दरारें, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल इंदौर से भोपाल तक कांग्रेस की 'युवा स्वाभिमान यात्रा': जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना, शुरू की ... शहडोल स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल: 108 एंबुलेंस के इंतजार में महिला की मौत, रास्ते में दिया ब... श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा का सुरीला अंदाज: सावन सांस्कृतिक संध्या में लाइव सिंगिंग ने जीता लोगों क... सीधी: रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए जिला अभियोजन अधिकारी, लोकायुक्त टीम को देख सड़क पर फेंके नोट रतलाम: खेत सीमांकन विवाद से परेशान किसान चढ़ा पानी की टंकी पर, 'शोले' के वीरू जैसा दिखा नजारा Ujjain News: स्कूल कैंपस से निकले छात्र और तालाब में डूबे, जवाहर नवोदय विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही ... Jabalpur News: बरसाती नालों और खेतों में निकल रहे मगरमच्छ, वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट ने लोगों को दी सतर्क ... Weather Update: दिल्ली में बारिश पर ब्रेक, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट इंदौर मर्डर केस: सहायक डाक अधीक्षक उर्मिला सैनी की हत्या के 48 घंटे बाद भी आरोपी पति फरार, परिजनों क...
देश

दिल्ली सेवा बिल लोकसभा में पेश बुधवार को होगी चर्चा सदन कल तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली। संसद मानसून सत्र के दौरान मंगलावर को दिल्ली सेवा बिल लोकसभा में पेश कर दिया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से नित्यानंद राय ने बिल पेश किया। विपक्ष ने इसे संविधान का उल्लंघन बताया है। कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बताते हुए कहा कि सेवाएं राज्य का अधिकार हैं। बुधवार को इस पर बहस होगी।

दिल्ली अध्यादेश बिल को विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. की पहली अग्नि परीक्षा बताया जा रहा है। दिल्ली से जुड़ा होने के कारण यह आम आदमी पार्टी के लिए सबसे जरूरी है। अरविंद केजरीवाल ने पिछले दिनों हर राज्य में जाकर इस मामले में केंद्र सरकार के खिलाफ समर्थन मांगा था।

संसद में हंगामा

मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू हुई होते ही विपक्ष ने एक बार फिर हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में लोकसभा को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

दिल्ली अध्यादेश बिल पर पार्टी लाइन से अलग संदीप दीक्षित का बयान

दिल्ली अध्यादेश बिल पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, ”लोकसभा में बीजेपी के पास बहुमत है। ये बिल सदन में पास होना चाहिए। ये बिल दिल्ली की स्थिति के मुताबिक है। अगर आप दिल्ली को शक्तियां देना चाहते हैं, तो ये पूर्ण राज्य बनाया जाना चाहिए। मेरी राय में इस बिल का विरोध करना गलत है।”

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता डॉ. हर्ष वर्धन, कहा- “मैं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के बयान की सराहना करता हूं। मैंने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है।

शिवसेना (यूबीटी) करेगी बिल का विरोध

इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) ने दिल्ली सेवा बिल का विरोध करने का फैसला किया है। पार्टी की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “हम सभी इसका विरोध करेंगे, क्योंकि आज यह दिल्ली में हो रहा है, कल यह हो सकता है आंध्र प्रदेश, तेलंगाना या ओडिशा में होगा। यह असंवैधानिक, अनैतिक, अलोकतांत्रिक अध्यादेश है, इसका सभी को विरोध करना चाहिए।”

मणिपुर मामले में लगातार हो रहा हंगामा

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था, लेकिन अब तक कोई उल्लेखनीय काम नहीं हुआ है। पूरा समय विपक्ष की भेंट चढ़ा है। विपक्ष ने पहले मणिपुर पर चर्चा की मांग की। सरकार तैयार हुई तो किस नियम के तहत चर्चा हो, इस पर पेंच फंसा दिया। विपक्ष अड़ा है कि प्रधानमंत्री चर्चा के दौरान उपस्थित रहें और जवाब दें

Related Articles

Back to top button