रतलाम: खेत सीमांकन विवाद से परेशान किसान चढ़ा पानी की टंकी पर, ‘शोले’ के वीरू जैसा दिखा नजारा

रतलाम जिले के जावरा क्षेत्र के नागदी गांव में सोमवार शाम को एक किसान के पानी की टंकी पर चढ़ने का हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। किसान मुकेश मालवीय का आरोप है कि राजस्व अधिकारियों ने उसकी पैतृक जमीन के सीमांकन में गड़बड़ी की और पड़ोसी के अतिक्रमण को सही ठहरा दिया। सुनवाई न होने और पुलिस द्वारा डांट-फटकार मिलने से परेशान होकर किसान ने फिल्म ‘शोले’ के वीरू की तर्ज पर पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
🔍 क्या है जमीन सीमांकन का पूरा विवाद?
किसान मुकेश मालवीय के अनुसार, उसकी पौने दो बीघा पैतृक जमीन पर पड़ोसी किसान ने कब्जा कर रखा है। 22 जून को जब राजस्व विभाग की टीम ने सीमांकन किया, तो उसकी जमीन मौके पर कम निकली। आरोप है कि आरआई और पटवारी ने बिना लिखित रिपोर्ट या पंचनामा दिए मौखिक रूप से कह दिया कि उसकी जमीन वहां नहीं है। इसी के चलते पड़ोसियों ने वहां खंभे गाड़कर कब्जा पक्का कर लिया। किसान का कहना है कि जब उसने इसकी शिकायत पुलिस से की, तो उसे न्याय मिलने के बजाय डांटकर भगा दिया गया।
🤝 प्रशासन की पहल और आश्वासन
करीब 2 घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद जावरा एसडीएम रचना शर्मा और तहसीलदार मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने किसान की समस्या को गंभीरता से सुना और उसे नियम अनुसार दोबारा निष्पक्ष सीमांकन करवाने का ठोस आश्वासन दिया। एसडीएम रचना शर्मा ने बताया कि किसान को भविष्य में ऐसा खतरनाक कदम न उठाने की हिदायत दी गई है। आश्वासन मिलने के बाद किसान संतुष्ट होकर सुरक्षित नीचे उतर आया।
⚠️ प्रशासन की ओर से हिदायत
सीमांकन, रास्ता विवाद और खेत की मेड़ से संबंधित मामलों में अक्सर विवाद बढ़ते हैं और कभी-कभी खूनी संघर्ष तक की नौबत आ जाती है। प्रशासन ने अपील की है कि किसान इस तरह के रास्तों को न अपनाएं। ऐसी समस्याओं के निवारण के लिए पुलिस और तहसील स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि समय रहते विवादों को सुलझाया जा सके।






