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मध्यप्रदेश

महिलाओं ने पकड़े विधायक के पैर बोलीं- हमारे गुरुजी को मंदिर में वापस लाओ

मंदसौर। श्री खाटू श्याम मंदिर से बिना किसी ठोस कारण के पुजारी पं. आशीष शर्मा को हटाना अब मंदिर के ट्रस्ट को लगातार कटघरे में खड़ा कर रहा हैं। समिति के पदाधिकारी लगातार जिस तरह बयान बदल रहे हैं उससे वहां नियमित जाने वाले भक्तों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा हैं। भक्त भी मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर से ही दर्शन कर रहे हैं। सोमवार को मंदिर के भक्त विधायक यशपालसिंह सिसौदिया से मिलने पहुंचे। वहां भी महिलाएं आंखों में आंसू लिए विधायक के पैरों में गिर गई और कहने लगी कि हमारे पुजारी को वापस लेकर आइए।

विधायक मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक

विधायक यशपालसिंह सिसौदिया श्री खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक भी हैं। 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में संरक्षक के नाते विधायक सिसौदिया भी मौजूद थे। इनके अलावा ट्रस्ट अध्यक्ष शिवकरण प्रधान, सचिव गोपालकृष्ण शर्मा, कोषाध्यक्ष दाऊभाई विजयवर्गीय, सदस्य नरेंद्रसिंह चौहान, दिनेश मकवाना, शिवराजसिंह घटावदा, शैलेंद्रसिंह चौहान भी मौजूद थे। इसी बैठक में फैसला किया गया था कि पुजारी पं. आशीष शर्मा को बताया जाए कि 15 जुलाई के बाद आपकी सेवाएं समाप्त की जाती हैं।

8 जुलाई को ही पैतृक गांव चले गए थे पंडित आशीष शर्मा

बैठक में पं. शर्मा पर कुछ ऐसे आरोप लगाए थे जो पहली नजर में सुनकर ही हास्यास्पद लग रहे हैं। हालांकि पं. आशीष शर्मा तो 8 जुलाई को ही मंदिर छोड़कर अपने पैतृक गांव चले गए थे। पर इसके बाद से यहां आने वाले सैकड़ों भक्तों में मंदिर समिति के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।

भक्त सुबह-शाम दर्शन करने आ रहे हैं पर मंदिर के बाहर से ही शीश नवाकर लौट रहे हैं। इस बीच सतना से आए नए पुजारी पं. जितेंद्र पांडेय भी भक्तों का आक्रोश व पं. आशीष शर्मा के प्रति समर्पण को देखकर 10-15 दिन में ही यह कहते हुए चले गए कि मैं बेवजह पाप का भागी बन रहा हूं। मंदिर समिति ने मुझे यहां रखने से पहले गुमराह किया हैं। अभी 29 जुलाई को सभी भक्त भूख हड़ताल भी कर चुके हैं।

विधायक समिति संरक्षक, ठोस आश्वासन नहीं दे सकें

सोमवार को सभी महिला-पुरुष भक्त विधायक यशपालसिंह सिसौदिया के पास भी पहुंचे। और उनकी मौजूदगी में समिति द्वारा लिए गए निर्णय को गलत बताया। और विधायक सिसौदिया को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि हमारे पुजारी पं. आशीष शर्मा को वापस बुलाया जाए और उन पर लगाए झूठे आरोपों को हटाया जाए। इसी दौरान कुछ महिलाओं की आंखों में आंसू भी आ गए और वह विधायक के पैरों में गिर पड़ी। हालांकि समिति के संरक्षक होते हुए भी विधायक सिसौदिया कोई ठोस आश्वासन नहीं दे सके और कहा कि 2 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के बाद देखते हैं।

माताएं पांव पकड़े विधायक के इससे बुरा कुछ हो नहीं सकता

शहर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष डा. राघवेंद्रसिंह तोमर ने कहा कि खाटू श्याम मंदिर से जुड़ी श्रद्धालु महिलाएं विधायक के पांव पकड़ रही है और विधायक कुर्सी से खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं यह रूप देख मन को पीड़ा तो हुई है पर भाजपा का असली चेहरा तानाशाही, हिटलर शाही, अहंकार का वह सामने आ गया है। इतिहास गवाह है कि इस देश ने किसी तानाशाह को कभी बर्दाश्त नहीं किया है।

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