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इंद्रावती नदी के निलकोंडा घाट में बहे मंगलू का 30 घंटे बाद भी सुराग नहीं 6 ग्रामीणों ने तैर कर बचा ली थी अपनी जान

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बीते शनिवार 5 अगस्त को इंद्रावती नदी के निलकोंडा घाट में बहे एक ग्रामीण का 30 घण्टे बाद भी सुराग नहीं लग पाया हैं। नदी में बहे ग्रामीण के रेस्क्यू के लिए तहसीलदार, पटवारी,जनपद उपाध्यक्ष व नगर सेना की टीम जुटी हुई हैं।

दरअसल, भैरमगढ़ ब्लाक के पल्लेवाया का रहने वाला मंगलू पोडियामी पिता बुद्धु उम्र (40 साल) तुमनार साप्ताहिक बाजार जाने के लिए शनिवार की सुबह घर से निकला था। मंगलू व अन्य छह ग्रामीण तुमनार(गीदम) बाजार जाने के लिए नाव से इंद्रावती नदी के निलकोंडा घाट पार कर रहे थे। इसी बीच दोपहर 12 बजे के करीब नदी के बहाव से नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव के पलट से उसमें सवार सात ग्रामीणों में से 6 ग्रामीण तैर कर जैसे-तैसे अपनी जान बचा पाने में कामयाब हो गए। लेकिन मंगलू पोडियामी नदी के बहाव में बहे कर लापता हो गया।

बता दें ग्रामीण मंगलू को नदी में लापता हुए लगभग 30 घंटे से ज्यादा का समय बीत गया है। लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया हैं। भैरमगढ़ तहसीलदार मोहन साहू ने बताया कि ग्रामीण मंगलू के रेस्क्यू के लिए नगरसेना व राजस्व की टीम शनिवार से जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि 30 घंटे बाद भी ग्रामीण मंगलू का कोई सुराग नहीं मिल पाया हैं। तहसीलदार मोहन साहू, पटवारी श्रवण गुप्ता, प्रफुल्ल सलाम, मुन्ना राम कडियामी, पल्लेवाय सरपंच व जनपद उपाध्यक्ष सहदेव नेगी निलकोंडा घाट में मौजूद हैं।

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