ब्रेकिंग
छतरपुर: उद्घाटन से पहले ही केन नदी पर बने पुल में पड़ी दरारें, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल इंदौर से भोपाल तक कांग्रेस की 'युवा स्वाभिमान यात्रा': जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना, शुरू की ... शहडोल स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल: 108 एंबुलेंस के इंतजार में महिला की मौत, रास्ते में दिया ब... श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा का सुरीला अंदाज: सावन सांस्कृतिक संध्या में लाइव सिंगिंग ने जीता लोगों क... सीधी: रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए जिला अभियोजन अधिकारी, लोकायुक्त टीम को देख सड़क पर फेंके नोट रतलाम: खेत सीमांकन विवाद से परेशान किसान चढ़ा पानी की टंकी पर, 'शोले' के वीरू जैसा दिखा नजारा Ujjain News: स्कूल कैंपस से निकले छात्र और तालाब में डूबे, जवाहर नवोदय विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही ... Jabalpur News: बरसाती नालों और खेतों में निकल रहे मगरमच्छ, वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट ने लोगों को दी सतर्क ... Weather Update: दिल्ली में बारिश पर ब्रेक, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट इंदौर मर्डर केस: सहायक डाक अधीक्षक उर्मिला सैनी की हत्या के 48 घंटे बाद भी आरोपी पति फरार, परिजनों क...
देश

मायावती ने फिर कांग्रेस को घेरा, कहा- महाराष्ट्र में शिवसेना का साथ दोहरा चरित्र नहीं है तो और क्या

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती इन दिनों कांग्रेस पर लगातार हमलावर हैं। इस बार उन्होंने महाराष्ट्र में उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने नागरिकता संशोधन बिल और सावरकर मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया है।

मायावती ने रविवार को कांग्रेस को घेरते हुए ट्वीट किया कि ‘शिवसेना अपने मूल एजेंडे पर अभी भी कायम है, इसलिए इन्होंने नागरिकता संशोधन बिल पर केंद्र सरकार का साथ दिया। अब शिवसेना को सावरकर को लेकर  भी कांग्रेस का रवैया बर्दाश्त नहीं है। फिर भी कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के साथ अभी भी बनी हुई है, तो यह सब कांग्रेस का दोहरा चरित्र नहीं है तो और क्या है। इसलिए कांग्रेस को इस मामले में अपनी स्थिति जरूर स्पष्ट करनी चाहिये। वरना यह सब इनकी अपनी पार्टी की कमजोरियों पर से जनता का ध्यान बांटने के लिए केवल कोरी नाटकबाजी ही मानी जाएगी।’

Mayawati

@Mayawati

1. शिवसेना अपने मूल एजेण्डे पर अभी भी कायम है, इसलिए इन्होंने नागरिकता संशोधन बिल पर केन्द्र सरकार का साथ दिया और अब सावरकर को भी लेकर इनको कांग्रेस का रवैया बर्दाश्त नहीं है।

609 लोग इस बारे में बात कर रहे हैं

बता दें कि बसपा प्रमुख मायावती ने इससे पहले आरक्षण के मुद्दे पर राज्यसभा में भूमिका को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने ट्वीट किया था कि ‘संविधान के 126वें संशोधित बिल में एससी-एसटी आरक्षण को दस वर्ष बढ़ाने की व्यवस्था है, जिसके राज्यसभा में पारित होने में बाधा डालकर कांग्रेस ने अपनी दलित विरोधी सोच का परिचय दिया है। हालांकि सभापति के आग्रह पर वे सदन में वापस आए और तब विलंब से यह बिल पास हो पाया।’ बता दें कि एससी-एसटी आरक्षण को 10 वर्ष बढ़ाने वाला 126वां संशोधन बिल राज्यसभा से पास हो गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button