ब्रेकिंग
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हुआ 'एंटी पेपर लीक बिल', राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून जोशीमठ के किमाणा गांव में भू-धंसाव से हड़कंप! चंडिका माता मंदिर क्षतिग्रस्त, प्राथमिक विद्यालय और पं... दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी मुफ्त साइकिल! CM ... 'Idiots' और 'Andhbhakts' टिप्पणी पर घिरे राहुल गांधी: अनुराग ठाकुर ने विशेषाधिकार समिति को मामला भेज... हरियाणा मतदाता सूची पुनरीक्षण: 26.29 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में मिलीं गड़बड़ियां, 33 लाख नाम ड्राफ्ट ... समालखा नगर परिषद में सियासी ड्रामे का पटाक्षेप! मनीषा कुहाड़ निर्विरोध बनीं वाइस चेयरपर्सन हरियाणा में JBT शिक्षकों की TGT पदोन्नति प्रक्रिया तेज! 13 अगस्त तक मांगे आवेदन, DEEO पर गाज की तैया... ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 'गोल्डन बॉय' नीरज चोपड़ा का धमाकेदार प्रदर्शन, जैवलिन थ्रो के फाइनल मे... पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धारा 24(2) का सहारा लेकर नहीं खोले जा सकते दशकों पुराने भू... राज्यसभा में उठी गुरुग्राम में हाईकोर्ट सर्किट बेंच की मांग! सांसद संजय भाटिया ने 'टॉवर ऑफ जस्टिस' क...
देश

ठाणे के CSMM अस्पताल में 48 घंटों में 18 मरीजों की मौत जांच समिति गठित

ठाणे के कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज मेमोरियल (CSMM) अस्पताल में पिछले करीब 48 घंटों में 18 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस खबर से इलाके में हड़कंप मच गया है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री दीपक केसरकर ने अस्पताल का दौरा किया और मरीजों की मौत पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि अगर इलाज में लापरवाही पाई गई, तो दोषियों पर कार्रवाई होगी और मरनेवालों को मुआवजा दिया जाएगा। मौत के मामलों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि इस (छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल) अस्पताल की ICU क्षमता बढ़ाई गई है। जब क्षमता बढ़ती है तो गंभीर मरीज भी ज्यादा आते हैं जो अपने जीवन के अंतिम चरण में होते हैं। वैसे जांच के लिए कमेटी पहले ही गठित की जा चुकी है।

जांच समिति का गठन

ठाणे के नगर निगम आयुक्त अभिजीत बांगर ने पत्रकारों से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इसकी सूचना दे दी गई है। उनका कहना है कि लोगों की मौत की वजहें अलग-अलग हैं, जिसमें किडनी की समस्या, एक्सीडेंट, जहर, न्यूमोनिया आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एक जांच समिति का गठन किया गया है, जो इस बात की जांच करेगी कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को उचित इलाज मिल रहा है या नहीं।

मौत के बढ़ते आंकड़े

अस्पताल के डीन का कहना है कि अधिकतर मरीज महाराष्ट्र के दूर-दराज के इलाकों से आते हैं और जब तक वे इस अस्पताल तक पहुंचते हैं, तब तक स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है। जान गंवाने वालों में कई मरीज़ बुजुर्ग हैं, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बता दें कि कुछ दिन पहले भी इस अस्पताल में एक दिन में 5 मरीजों की मौत पर सवाल उठा था। लेकिन अब मौतों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

Related Articles

Back to top button